
दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़)। ग्लासगो में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की स्टार मुक्केबाज प्रीति पवार ने इतिहास रचते हुए बॉक्सिंग में देश को पहला गोल्ड मेडल दिलाया है। महिलाओं के 54 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल मुकाबले में प्रीति ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कनाडा की स्कारलेट सावेना डेलगाडो को एकतरफा अंदाज में मात दी। मुकाबले की शुरुआत से ही भारतीय मुक्केबाज का दबदबा देखने को मिला। पहले राउंड में प्रीति ने अपनी आक्रामक रणनीति और सटीक पंचों के दम पर विरोधी रिंग में पूरी तरह अपना नियंत्रण बनाए रखा। राउंड के अंत में जजों ने एकमुश्त फैसला सुनाते हुए प्रीति के पक्ष में 5-0 से निर्णय दिया जिससे उन्हें शुरुआती बढ़त मिल गई।

दूसरे राउंड में भी प्रीति का यह आक्रामक रूप जारी रहा। उन्होंने कनाडा की मुक्केबाज को वापसी का कोई मौका नहीं दिया और अपनी 5-0 की बढ़त को बरकरार रखा। दो राउंड के बाद प्रीति के पास एक मजबूत बढ़त थी और अंतिम राउंड में उन्हें गोल्ड पर कब्जा जमाने के लिए बस खुद को किसी नॉकआउट पंच से बचाकर खेलना था, जिसे उन्होंने बखूबी अंजाम दिया। तीसरे और अंतिम राउंड में समझदारी से मुकाबला लड़ते हुए प्रीति पवार ने यह मैच 5-0 से अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ ही प्रीति ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए मुक्केबाजी का पहला गोल्ड मेडल जीत लिया है। प्रीति पवार की इस स्वर्णिम सफलता ने भारतीय मुक्केबाजी दल के हौसले बुलंद कर दिए हैं। इस पदक के साथ ही भारत का मुक्केबाजी में यह तो बस आगाज़ है, क्योंकि आज ही भारत के पास 9 और बॉक्सिंग फाइनल्स में गोल्ड मेडल अपने नाम करने का शानदार मौका है।












