Tuesday, October 13, 2026
Home Hoshiarpur हम भगवान से सदा प्रार्थना करते हैं कि वह हमारा कल्याण करें क्योंकि...

हम भगवान से सदा प्रार्थना करते हैं कि वह हमारा कल्याण करें क्योंकि संसार हमारा कल्याण नहीं कर सकता: मुख्य आचार्य चंद्र मोहन जी

होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। योग साधन आश्रम मॉडल टाउन में रविवार के प्रवचन के दौरान भक्तों का मार्गदर्शन करते हुए मुख्य आचार्य चंद्र मोहन जी ने कहा कि हम भगवान से सदा प्रार्थना करते हैं कि वह हमारा कल्याण करें क्योंकि संसार हमारा कल्याण नहीं कर सकता। भगवान अपने शिष्य के हमेशा साथ-साथ चलते हैं। सच्चा शिष्य जो इच्छा प्रकट करता है भगवान उसे पहले ही पूर्ण कर देते हैं। भगवान यह भी देखते हैं कि शिष्य के लिए क्या उचित है। उन्होंने कहा कि प्रभु रामलाल जी हमारे लिए संपूर्ण योग लाए हैं जिसकी संसार को सबसे बड़ी जरूरत है। हर चीज के दो रूप होते हैं। इसी तरह एक भगवान का ज्ञान होता है और एक प्रकृति का ज्ञान। भगवान ने हमें राजयोग दिया जबकि प्रकृति ने हमें हठ योग दिया। राजयोग इसलिए दिया कि हम मन को एकाग्र करें।

Advertisements

तुम्हें आत्मा दिखलाई देने लगेगी। हठयोग इसलिए दिया क्योंकि शरीर एक घड़े के समान है इसके टूटने का खतरा रहता है। कच्चा घड़ा पानी में मिल जाता है। हमने शरीर को सदृढ़ करना है। गीता में भगवान कृष्ण अर्जुन से कहते हैं मैं तुझे संपूर्ण ज्ञान देना चाहता हूं। संपूर्ण ज्ञान के लिए भगवान को देखो भगवान के कार्यों को देखो। ज्ञान और विज्ञान दो पहलू है ज्ञान का अर्थ भगवान का ज्ञान और विज्ञान का अर्थ प्रकृति का ज्ञान है। ईश्वर को भी जानो और साइंस को भी जानो तब ज्ञान होगा। हम षट्कर्म देखें आसन को देखें तथा मुद्राओं को देखें। भगवान कृष्ण अर्जुन को कहते हैं कि तुम्हारा मन मेरे में लगा हुआ है इसलिए मैं तुम्हें पूर्ण ज्ञान प्रदान कर रहा हूं तुम मेरी तरफ देखो मैं क्या हूं और क्या कर रहा हूं। आज लोग थोड़ा सा योग सीख कर अपने आप को योगी कहने लग  पड़ते हैं। पूरी दुनिया में संपूर्ण योगी बनने का कोई प्रयास नहीं करता। मूल प्रकृति पांच तत्व है जिससे सारी प्रकृति की रचना हुई है। पृथ्वी जल हवा अग्नि आकाश इनको इकट्ठा भी करना होता है। इसके अलावा मन बुद्धि और अहंकार भी जुड़ने से मनुष्य बनता है। इसके अतिरिक्त जीवात्मा है जिसने सारे संसार को खड़ा किया हुआ है।


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here