
दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़)। भारतीय वायु सेना में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। स्क्वाड्रन लीडर भावना कांत देश की पहली महिला अधिकारी बन गई हैं, जिन्होंने वायु सेना के बेहद प्रतिष्ठित Fighter Combat Leader (FCL) कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा किया है। इस उपलब्धि के साथ वह IAF की पहली महिला ‘Top Gun’ के रूप में जानी जा रही हैं। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि 20 हफ्ते चलने वाले इस मुश्किल प्रोग्राम के लिए वायु सेना के बहुत कम पायलट चुने जाते हैं। इस प्रोग्राम में अधिकारियों को एडवांस्ड कॉम्बैट टैक्टिक्स (लड़ाई की उन्नत रणनीतियों) की ट्रेनिंग दी जाती है। स्क्वाड्रन लीडर भावना ने जून 2016 में पहली बार इतिहास रचा था, जब उन्हें अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह के साथ भारतीय वायु सेना की पहली तीन महिला फाइटर पायलटों में से एक के तौर पर कमीशन किया गया था। स्क्वाड्रन लीडर मोहना सिंह ने पिछले साल अक्टूबर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को राफेल विमान में उड़ान भी भरवाई थी।

स्क्वाड्रन लीडर भावना कांत का जन्म बिहार के बेगूसराय जिले में हुआ। उनके पिता Electrical Engineer हैं। बचपन से ही आसमान में उड़ने का सपना देखने वाली भावना ने बेंगलुरु से Medical Electronics में Engineering की पढ़ाई पूरी की और इसके बाद Indian Air Force को अपना करियर चुना। साल 2016 में भावना कांत ने इतिहास रचा, जब वह अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह के साथ भारतीय वायु सेना की Fighter Stream में शामिल होने वाली पहली तीन महिला Fighter Pilots में शामिल हुईं। उन्होंने अपने Flying Career की शुरुआत MiG-21 Bison Fighter Aircraft से की। साल 2019 में वह दिन के समय Combat Mission के लिए Qualified होने वाली पहली भारतीय महिला Fighter Pilot बनीं। इसके बाद उन्होंने IAF के सबसे आधुनिक और शक्तिशाली Fighter Jets में शामिल Sukhoi-30MKI को उड़ाने की जिम्मेदारी संभाली।












