Sunday, October 11, 2026
Home Hoshiarpur तामसिक प्रवृत्ति वालों के अंदर ज्ञान नहीं होता वह अंधेरे में भटकते...

तामसिक प्रवृत्ति वालों के अंदर ज्ञान नहीं होता वह अंधेरे में भटकते रहते हैंः आचार्य चंद्र मोहन

होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। योग साधन आश्रम मॉडल टाउन में रविवार के सत्संग के दौरान भक्तों का मार्गदर्शन करते हुए मुख्य आचार्य चंद्र मोहन जी ने कहा कि सत्संग में जो शिक्षा प्राप्त होती है उसको अपने जीवन में उतारने का प्रयास करें। सुनो विचार करो और उस पर मनन करो। लेकिन हम सुनते तो हैं परंतु शिक्षाओं का मनन नहीं करते। अपने मन को इतना शुद्ध करें कि हम भगवान के समीप हो जाए। और भगवान हमारा ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का कष्ट आने पर भक्त केवल भगवान को पुकारता है तो भगवान उसका कष्ट उस समय दूर कर देते हैं। गीता के छठे अध्याय में लिखा है कि हमने माया के जाल से निकलना है।

Advertisements

भगवान ने हमें मन बुद्धि चित्त व शरीर दिया है। इनके द्वारा हम आत्मा को ऊपर उठा सकते हैं। हम खुद ही अपने मित्र और खुद ही अपने शत्रु है। बुरे कर्म करने वाले को नर्क और अच्छे कर्म करने वालों को स्वर्ग की प्राप्ति होती है। जिससे स्पष्ट है कि स्वर्ग नरक हमारे अपने हाथ में है। प्रश्न पैदा होता है की आत्मा का उद्धार क्या होता है। गीता के 14 अध्याय में भगवान कृष्ण अर्जुन से कहते हैं कि मैं तुझे वह ज्ञान दे रहा हूं जो सबसे बड़ा है जिससे आत्मा का उद्धार होता है। इसके लिए स्वाध्याय करें। स्वाध्याय करने से ईश्वर की प्राप्ति हो जाती है। मनुष्य की तीन स्टेज होती है एक तामसिक, दूसरी राजसिक तथा तीसरी सात्विक। सात्विक स्टेज वाले ऊपर उठ जाते है। मध्यम वर्ग वाले अच्छे बुरे मिश्रित कर्म करते हैं। जिनके कर्म बुरे हैं, व्यवहार बुरा है तथा विचार बुरे है वह तामसिक प्रवृत्ति वाले हैं। भगवान में समाना चौथी स्टेज हैं।

तामसिक प्रवृत्ति वालों के अंदर ज्ञान नहीं होता वह अंधेरे में भटकते रहते हैं उन्हें पता नहीं होता कि क्या करना है। वह संसार के मोह में फंसे रहते हैं। दूसरी स्टेज बीच में लटकने वाली है। इस में लालच ही लालच होता है। चाहे परिणाम कुछ भी हो हम काम करने में आसक्त रहेंगे। क्योंकि मन में लालच समाया होता है। सात्विक प्रवृति में हम आत्मा का उद्धार कर सकते है। इसमें हम पाप से दूर रहते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here