
हमीरपुर (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट: रजनीश शर्मा। जिला हमीरपुर में राजनीति के चाणक्य माने जाने वाले स्वर्गीय जगदेव चंद की राजनीतिक विरासत को आगे ले जा रहे उनके पुत्र भाजपा विधायक नरेंद्र ठाकुर अपनी साफगोई बातों के कारण हमेशा सुर्खियों में रहे हैं। हमीरपुर प्रतिनिधि रजनीश शर्मा ने जब विभिन्न मुद्दों पर विधायक नरेंद्र ठाकुर से चर्चा की तो उन्होंने खुलकर इन मुद्दों पर बात की। उन्होंने धूमल, अनुराग, विकास व कांग्रेस के बारे पूछे सवालों का बाखूबी जबाव दिया।

प्रश्न: जिला हमीरपुर में कांग्रेस के पांच साल और भाजपा के एक साल में कितना विकास हुआ? क्या जयराम सरकार आपके काम कर रही है?
नरेंद्र ठाकुर: प्रेम कुमार धूमल दस साल हिमाचल के सीएम रहे हैं। उस दौरान जिले में खूब विकास हुआ। जयराम सरकार सभी जिलों व विधायकों को बराबर स्थान दे रही है। विकास में कहीं कमी नजर नहीं आ रही है। कांग्रेस के पांच साल की तुलना में जयराम ठाकुर के एक साल में हमीरपुर को विकास के लिए ज्यादा धन मिला है।
प्रश्न: करीब दस साल से पार्किंग का काम रुका हुआ है। यह काम आप क्यों नहीं करवा पाए?
नरेंद्र ठाकुर: यह ठीक है कि हमीरपुर नगर की पार्किंग का काम सात-आठ साल से रुका है। यह काम पर्यटन विभाग करवा रहा था। विभाग के पास पैसा नहीं है। अब नए सिरे से इसकी प्रोपोजल भेजी है। इसी साल शेष काम को पूरा कर लिया जाएगा।
प्रश्न: यही हालत नए बस अड्डे के निर्माण को लेकर है। क्या बस अड्डा दूसरी जगह बनेगा या फिर नहीं बनेगा?
नरेंद्र ठाकुर: बस स्टैंड उसी जगह बनेगा जहां धूमल जी ने इसका शिलान्यास किया था। इस बारे कुछ दिन पहले परिवहन मंत्री से लंबी चर्चा हुई। इसी साल नए बस अड्डे के काम को शुरू कर दिया जाएगा। यह हिमाचल का सबसे बढिय़ा व सुंदर बस स्टैंड बनेगा।
प्रश्न: जयराम सरकार बनने के बाद धूमल या अनुराग से कितना टकराव है?
नरेंद्र ठाकुर: राजनीति में किसी समय यह टकराव था लेकिन अब कोई टकराव नहीं है। मैं दावा करता हूं कि लोकसभा चुनाव में जिला के पांचों विधानसभा क्षेत्रों में से हमीरपुर सदर से अनुराग की लीड सबसे ज्यादा होगी। अब नए ढंग से राजनीति की पारी मैंने शुरू की है। कुछ लोग अपने फायदे के लिए समय समय पर भ्रांतियां फैलाते हैं व लोगों को गुमराह कर रहे हैं।
प्रश्न: कांग्रेस में वर्तमान गुटबाजी व कलह पर क्या कहना चाहोगे।
नरेंद्र ठाकुर: कांग्रेस की गुटबाजी को लेकर शिमला में जो घटना हुई है, वह शर्मनाक है। कांग्रेस में वर्चस्व की लड़ाई चरम पर है। कांग्रेस सरकार के पिछले कार्यकाल में सुक्खु व वीरभद्र सिंह के बीच टकराव रहा। कांग्रेस को इस अंतर्कलह का खामियाजा बुरी तरह से भुगतना पड़ेगा।










