Monday, October 26, 2026
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भारतीय संस्कृति को बचाने के लिए शास्त्र पढऩे और शस्त्र उठाने का जरुरत:अश्विनी गैंद

होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट: संदीप डोगरा। सामाजिक संस्था नई सोच ने विक्रमी संवत नववर्ष के आगमन पर्व एवं नवरात्रों के शुभारंभ के उपलक्ष्य में एक बैठक का आयोजन संस्थापक अध्यक्ष अश्विनी गैंद की अध्यक्षता में किया गया। इस मौके पर स्वयं सेवक संघ के नगर अध्यक्ष संजीव सूद विशेष तौर से उपस्थित हुए। बैठक में नववर्ष की बधाई देते हुए अश्विनी गैंद ने कहा कि भारतीय संस्कृति पर आज जो प्रहार किए जा रहे हैं उनका मुंह तोड़ जवाब देने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकारें अपनी संस्कृति को बचाने और बाहरी संस्कृतियों के बढ़ते प्रभाव को कम करने में नाकाम साबित हो रही हैं, क्योंकि कमजोर नीतियों के कारण बाहरी ताकतें ज्यादा प्रभावी हो रही हैं। इसलिए हम सभी को एकजुटता और पूरी ताकत से इनके खिलाफ मोर्चा खोलना चाहिए।

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नई सोच ने बैठक आयोजित करके विक्रमी संवत नववर्ष की सभी को दी बधाई

दुनिया में कई देश ऐसे हैं जिन्होंने अपनी संस्कृति को कायम रखने और आगे बढ़ाने के लिए ठोस से ठोस कदम उठाए हैं। जिनकी तर्ज पर हमें भी अब अपनी नीतियों में बदलाव की जरुरत है। अश्विनी गैंद ने कहा कि हम शांतिप्रिय भारतीय हैं और हमारे शांत स्वभाव को देश व संस्कृति विरोधी ताकतें हमारी कमजोरी समझते हैं और हमें नुकसान पहुंचा रहे हैं। क्योंकि देश की राजनीतिक पार्टियां जातिवाद और समुदाय विशेष की राजनीति करते हुए भारत ही नहीं अपितु विश्व की पुरातन संस्कृति को हानि पहुंचाने में लगी हुई हैं। मगर यह सभी एक बात समझ लें और हमारा इतिहास पढ़ लें कि जब हमने देश और धर्म की लड़ाई लड़ी तो जीत हमारी ही हुई है। इसलिए अब एक बार फिर से समय आ गया है जब हम शास्त्र शब्द के बीच लगा डंडा निकालकर उसे शस्त्र बना लें और देश विरोधी ताकतों को बाहर का रास्ता दिखाएं।

कहा, दुखद है कि राजनीतिक पार्टियां संस्कृति को नुकसान पहुंचाने के लिए विशेष समुदाय को पहुंचा रहीं हैं लाभ

इस मौके पर संजीव सूद ने कहा कि भारतीय सनातन धर्म पद्धति को पूरी विधि और शास्त्रानुसार अपनाने का समय है ताकि हमारी पीढिय़ां संस्कृति को जान सकें और अन्य संस्कृतियों का मान सम्मान करने के साथ-साथ अपनी संस्कृति पर सुदृढ़ता के साथ आगे बढ़ सकें। उन्होंने अश्विनी गैंद की बात का समर्थन करते हुए कहा कि संस्कृति बचेगी तो ही संस्कार बचेंगे अन्यथा हमारी आने वाली पीढिय़ां हमें माफ नहीं करेंगी। इसलिए अब हमें चुप्पी को तोडऩा है और जरुरत पडऩे पर शस्त्र उठाने से भी परहेज नहीं किया जाएगा।

इस मौके पर अशोक शर्मा, राजेश शर्मा, नीरज गैंद, मोंटी ठाकुर, इंद्रपाल सूद, विमल सैनी, हरीश गुप्ता हैप्पी, राकेश कपूर, तिलक राज शर्मा, राकेश मल्होत्रा, ब्रिज मोहन नकड़ा, ठाकुर जी, जीवन ज्योति कालिया, राजीव कुमार, राकेश कुमार, अशोक जैन, रमन कुमार, सुमन शर्मा, विवेक ठाकुर, अजय, सोनू टंडन आदि मौजूद थे।

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