
होशियारपुर(द स्टैलर न्यूज़)। पंजाब कैमिस्ट एसोसिएशन (पी.सी.ए) के प्रवक्ता रमण कपूर ने एक प्रैस नोट जारी करते हुए बताया कि पी.सी.ए के प्रधान सुरिंदर दुग्गल ने पंजाब के कैमिस्टों को आ रही समस्याओं के संबंध में पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह को एक पत्र लिखा है। उन्होंने आगे बताया कि 18 नबंवर को चण्डीगढ़ में पी.सी.ए. की सेहत मंत्री के साथ एक बैठक हुई थी, जिसमें कमिशनर पुन्नु, संयुक्त कमिशनर ड्रगज़ प्रदीप मट्टू तथा विभाग के अन्य उच्च अधिकारी शामिल थे।

उक्त बैठक में नए लाइसेंसों के बारे में, सुपर डिस्टीब्यूटर, सुपर स्टोकिस्ट कोई पाटर्नरशिप में अगर अलग होना चाहे, किसी पार्टनर की आर्थिक स्थिति खराब होने पर कोई नया पार्टनर मिलाना, फर्म को एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट करना, बॉयोमेट्रिक का न होना, किसी कैमिस्ट की मृत्यु होने के बाद यदि उसका वारिस काम न करना चाहे तो वे किसी और के नाम आदि विषयों पर विचार किया गया। मंत्री जी ने आश्वासन दिया था कि शिघ्र ही नई नीति बनाई जाएगी पर 3 महीने का समय बीत जाने पर भी कोई कारवाई नहीं की गई। कैमिस्टों को पेश आ रही समस्याएं वहीं की वहीं रह गई। पंजाब के 22 जिलों के 24 हजार कैमिस्ट गांवों तथा शहरों में जाकर जहां पर कोई अस्पतलात भी नहीं है, मरीजों तक दवाईयां सप्लाई करने का कार्य कर रहे हैं।
श्री दुग्गल के अनुसार अब पी.सी.ए की कार्यकारिणी की बैठक 8 मार्च को लुधियाना में रखी गई है। रमण कपूर के अनुसार पंजाब के सभी जिलों के प्रधान, सचिव तथा कार्यकारिणी के सदस्य इसमें भाग लेंगे तथा अगली रणनीति पर विचार किया जाएगा, क्योंकि पहलेे ही पिछले एक वर्ष से पी.सी.ए कभी ड्रग विभाग कभी सेहत मन्त्री, कभी विभाग के सचिव से मिल कर अपनी समस्याओं को बता रही है, पर सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया और कैमिस्टों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। श्री दुग्गल के अनुसार सारे भारत का एक विधान एक संविधान ड्रग एवं कॉस्मेटिक एक्ट 1940 एक जैसा, फिर पंजाब के कैमिस्टों के साथ पक्षपात क्यों












