
होशियारपुर(द स्टैलर न्यूज़)। कोविड-19 के प्रभाव को रोकने के लिए जहां कफ्र्यू लगाया गया है, वहीं कुछ ऐसे भी गांव है, जो पंजाब सरकार की ओर से की जा रही पहलकदमियों को आगे बढ़ कर साथ दे रहे हैं। जिले के ऐसे गांव सामने आए हैं, जिनकी ओर से खुद आइसोलेशन होने का संकल्प लिया गया है व इन गांवों में रैली, माना, पवालु, जौड़ा व कुम्मा गांव शामिल हैं।

– डिप्टी कमिश्नर ने पहलकदमी कर रहे गांवों की प्रशंसा की
डिप्टी कमिश्नर अपनीत रियात ने गांवों की प्रशंसा करते हुए कहा कि बाकी गांवों को भी आगे आना चाहिए, ताकि इस वायरस के फैलाव को आगे बढऩे से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि इन गांवों की ओर से गांव को लगते रास्तों पर बैरीकेटिंग करवाई गई है व यदि कोई गांव का व्यक्ति इमरजेंसी हालात के दौरान बाहर जाना चाहता है, तो उसका पूरा विवरण रजिस्टर पर दर्ज किया जाता है।

– कहा, कोविड-19 के प्रभाव को रोकने के लिए घरों में रहना जरुरी
यह भी दर्ज किया जाता है कि उसने गांव से बाहर जाकर किस व्यक्ति को मिलना है। उन्होंने कहा कि किसी बाहरी व्यक्ति की गांव में एंट्री के दौरान भी उसका विवरण रजिस्टर पर नोट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुकेरियां सब-डिवीजन के गांव रैली में पंचायत ने विशेष पहलकदमी करते हुए गांव के तीन एंट्री प्वाइंटों पर सी.सी.टी.वी. कैमरे भी लगाए हैं। उन्होंने पंचायतों की प्रशंसा करते हुए कहा कि बाकी गांवों को भी आगे आना चाहिए, ताकि एकजुटता से पैदा हुए नाजुक हालात का सामना किया जा सके।
अपनीत रियात ने कहा कि कोविड-19 के प्रभाव को रोकने के लिए लगाए गए कफ्र्यू के दौरान जिला वासियों को किसी दिक्कत का सामना न करना पड़े, इस लिए उनको घरों में ही सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जरुरत है सभी के सहयोग की, ताकि इस वायरस को फैलने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि जिले का हर निवासी अपने घर में रहे व कफ्र्यू का पालन करना यकीनी बनाए। उन्होंने कहा कि आप को सुरक्षित रखने के लिए ऐसा कदम उठाया गया है।












