Tuesday, October 13, 2026
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राज्य की सिविल सेवाओं में सीधी भर्ती के लिए महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला

चंडीगढ़ (द स्टैलर न्यूज़)। महिला सशक्तीकरण की तरफ एक बड़ा कदम उठाते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने पंजाब सिविल सेवाओं में सीधी भर्ती सम्बन्धी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का फ़ैसला किया है। राज्य की कैबिनेट ने बुधवार को पंजाब सिविल सर्विसिज़ (रिजऱवेशन ऑफ पोस्ट्स फॉर वूमैन) रूल्ज़, 2020 को मंज़ूरी दे दी गई, जिसके अंतर्गत महिलाओं को सरकारी पदों पर सीधी भर्ती और बोर्डों और निगमों में ग्रुप-ए, बी, सी और डी के पदों में भर्ती के लिए यह आरक्षण प्रदान किया गया है।
अदालती मामलों/कानूनी मामलों को समय रहते असरदार ढंग से निपटने के लिए पंजाब कैबिनेट ने पंजाब सिविल सचिवालय (स्टेट सर्विसिज़ क्लास) रूल्ज़, 1976 में संशोधन को भी मंज़ूरी दे दी गई है, जिससे पंजाब सिविल सचिवालय में लीगल क्लर्कों की भर्ती के लिए क्लर्क (लीगल) काडर की सृजना की जा सके। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि यह प्रक्रिया जनरल क्लर्क काडर में से 100 पद बाहर करके पूरी की जाएगी, जिससे यह यकीनी बनेगा कि इस कदम का कोई वित्तीय बोझ न पड़े।
राज्य सरकार के पास मौजूदा समय के दौरान कुछ संख्या में ही मुलाजि़म हैं जिनको कानूनी और न्यायिक प्रक्रिया की जानकारी है और सरकार के खि़लाफ़ दायर अदालती मामलों के कानूनन तजवीज़ों, कानूनी नियमों और हिदायतों के अनुसार निपटारे के लिए शैक्षिक योग्यता है।
कैबिनेट द्वारा दर्जा-4 या दर्जा-3 (जिनका वेतन स्केल क्लर्क से कम है) से क्लर्क काडर में तरक्की के लिए आरक्षित कोटे की मात्रा बढ़ाकर 15 से 18 प्रतिशत करने को मंज़ूरी दे दी गई है। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि दर्जा-4 या दर्जा-3 (जिनका वेतन स्केल क्लर्क से कम है) की क्लर्क काडर में तरक्की के कोटे के लिए आरक्षित पदों की संख्या कम हो जाएगी क्योंकि क्लर्क काडर के लिए मंज़ूरशुदा पदों की संख्या घटेगी। परन्तु, दर्जा-4 या दर्जा-3 (जिनका वेतन स्केल क्लर्क से कम है) मुलाजि़मों को लीगल क्लर्क के पद पर तरक्की देने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
एक और फ़ैसले में पंजाब की कैबिनेट ने पी.सी.एस. (एग्जिक्युटिव शाखा) काडर के समूह अफसरों को 14 वर्ष की सेवा की बजाय अब 13 वर्षों की सेवा पूरी होने पर 37400-67000-8700 (ग्रेड पे) में बढ़ा वेतन स्केल देने को मंज़ूरी दे दी है। यह कदम परसोनल विभाग द्वारा 4 अप्रैल, 2000 को जारी हिदायतों की पालना के अंतर्गत और समय-समय पर किए गए संशोधनों की शर्तों के अंतर्गत उठाया गया है। इसके अलावा कैबिनेट द्वारा जुलाई 8, 2003 के उस हुक्म को दिसंबर 6, 2008 से प्रभाव से वापस लेने को मंज़ूरी दे दी है, जो कि पी.सी.एस (एग्जिक्युटिव शाखा) के अफसरों, जो कि पी.सी.एस काडर की पहले 90 पदों पर काम कर रहे थे, को 12 वर्षों की सेवा पूरी होने पर 14300-18600 के बढ़े हुए वेतन स्केल में स्थान दिए जाने से सम्बन्धित थे। पंजाब कैबिनेट ने साल 2018-19 के लिए बाग़बानी और श्रम विभाग की सालाना प्रशासकीय रिपोर्टों को भी मंज़ूरी दे दी है।

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