
होशियारपुर, ( द स्टैलर न्यूज़): जिलाधीश विपुल उज्जवल ने आज सरकारी प्राईमरी स्कूलों का औचक निरीक्षण करते कहा कि प्राईमरी शिक्षा में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि ये नन्हें ही देश का भविष्य है और इनको मौजूदा शिक्षा के दोस्त बनाने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों का पढ़ाई के क्षेत्र में मूल बनाना और उनको नेक इंसान बनाने में अध्यापक का अहम योगदान होता है।


उन्होंने कहा कि जिले के 1256 प्राईमरी स्कूलों में पहली से पांचवी कक्षा तक 53,435 बच्चे पढ़ रहे है। उन्होंने बताया कि होशियारपुर सब डिवीजन के 373 स्कूलों में 21,516 बच्चे, दसूहा के 314 स्कूलों में 11,746, गढ़शंकर के 273 स्कूलों में 11,098 और मुकेरियां के 296 स्कूलों में 9,075 नन्हें विद्यार्थी पढ़ रहे है।
– जिले के 1256 प्राईमरी स्कूलों में पहली से पांचवी कक्षा तक पढ़ रहे 53,435 नन्हें विद्यार्थी-
जिलाधीश ने कहा कि मिड-डे-मील तहत स्कूलों में बच्चों को हर रोज विभिन्न पोष्टिक आहार भी मुहैया करवाया जा रहा है ताकि उनके मानसिक व शरीरिक विकास में बढ़ौतरी हो सके। उन्होंने आज मेघोवाल और मंहगरोवाल प्राईमरी स्कूलों की चैकिंग दौरान बच्चों से सवाल-जवाब भी पूछे। उन्होंने अध्यापकों को कहा कि प्राईमरी स्कूलों में बच्चों के साथ दोस्ताना माहौल स्थापित किया जाए ताकि बच्चे खुशी व उत्साह के साथ स्कूल आए।श्री विपुल उज्जवल ने कहा कि सरकारी स्कूलों में अध्यापक अपने विषय में पूरे परपक होते है इस लिए अधिक से अधिक लोग अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलवाए।

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में अन्य सुधार लाने के लिए अन्थक प्रयास किए जा रहे हैं और बच्चों को विभिन्न स्कीमों तहत सहूलियतें मुहैया करवाई जा रही हैं। उन्होंने अध्यापकों को अपील की कि बच्चों में पढ़ाई प्रति लगन व रुचि पैदा की जाए ताकि उनका शुरू से ही पढ़ाई स्तर मजबूत हो सके। उन्होंने कहा कि स्कूलों की चैकिंग भविष्य में भी जारी रहेगी, इस लिए अध्यापक पूरी मेहनत व लगन के साथ अपनी जिम्मेवारी निभाए।












