
हमीरपुर (वरिष्ठ पत्रकार रजनीश शर्मा): राज्य आपदा प्रबन्धन बोर्ड के उपाध्यक्ष राजेन्द्र राणा ने प्रदेश के भाजपा नेताओं के इस कथन को हास्यस्पद बताया है कि वर्ष 2016 में प्रदेश में विधानसभा चुनाव हो जायेंगे। आज यहां जारी एक बयान में राजेन्द्र राणा ने कहा कि मुयमंत्री वीरभद्र सिंह से इस्तीफे की मांग करना और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिरने के सपने देखना विपक्ष के नेताओं की आदत में शुमार हो गया है और वह दिन को भी ऐसे सपने देखकर बयान देते रहते हैं लेकिन उनके ये सपने कभी हकीकत में बदलने वाले नहीं हैं। राजेन्द्र राणा ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के कुछ नेता प्रदेश में वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार बनने के पहले दिन से ही ऐसी भविष्यवाणियां करते आए हैं और प्रदेश की जनता के साथ साथ भाजपा वर्कर भी अब उनकी इन भविष्यवाणियों को कतई गंभीरता से नहीं लेते। राजेन्द्र राणा ने कहा कि जब वीरभद्र सरकार बनी थी, तब भाजपा नेताओं ने यह दावा किया था कि निर्दलीय विधायक भाजपा के संपर्क में हैं और जल्दी ही यह सरकार गिर जायेगी। इसके बाद उन्होंने यह भविष्यवाणी कर दी कि इधर लोकसभा चुनाव के नतीजे आयेंगे और उधर वीरभद्र सरकार चलता हो जायेगी। लेकिन उनकी दोनों भविष्यवाणियां झूठी साबित हुईं। राजेन्द्र राणा ने कहा प्रदेश की जनता यह जानना चाहती है कि आखिर भाजपा नेता किन ज्योतिषियों को अपना हाथ दिखाकर ऐसी भविष्वाणियां करते रहते हैं। राजेन्द्र राणा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पौने तीन साल पहले सत्ता से बाहर हुए भाजपा नेताओं ने वीरभद्र सरकार के सत्ता संभालने के पहले दिन से ही उनसे इस्तीफा मांगना शुरू कर दिया था। प्रदेश के भाजपा विधायक कभी सदन के अन्दर तो कभी सदन के बाहर मुयमंत्री से इस्तीफे की रट लगाते रहे और अब सीबीआई का सहारा लेकर प्रदेश में सत्ता पाने के मुंगेरी सपने देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने पांच साल के लिए कांग्रेस को सत्ता चलाने और भाजपा को सत्ता से बाहर बैठने का जनादेश दिया है, लेकिन प्रदेश में भाजपा नेताओं को सत्ता से बाहर बैठना गंवारा नहीं हो रहा है और वे जल-विहीन मछली की तरह छटपटाते हुए येन-केन-प्रकारेण कुर्सी पाने को उतावले हुए जा रहे हैं। राजेन्द्र राणा ने कहा कि सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों को धमकाना भाजपा नेताओं को शोभा नहीं देता और उन्हें यह तथ्य स्मरण रखना चाहिए कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है और प्रदेश के अधिकारी व कर्मचारी सरकार की कल्याणकारी नीतियों व कार्यक्रमों को पूरी मुस्तैदी से अमलीजामा पहना रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता का अब भाजपा नेताओं से पूरी तरह मोहभंग हो गया है क्योंकि मोदी सरकार द्वारा लाए गए अच्छे दिनों में दालों के रेट प्रति किलो अस्सी रूपए से बढक़र दो सौ रूपए पहुंच गए हैं और प्याज भी आम आदमी की जेब से बाहर है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने लोकसभा चुनावों से पहले जनता को जो सपने दिखाए थे , उन सपनों के पूरा न होने से समाज का हर वर्ग भाजपा को कोस रहा है और आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा नेताओं के लिए जनता का सामना करना मुश्किल हो जायेगा। राजेन्द्र राणा ने कहा कि बेहतर हो अगर भाजपा नेता खुद दिन में सपने देखने की बजाए , जनता को दिखाए सपनों को हकीकत में बदलें ।












