
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। मैं एक विधवा औरत हूं, 10 साल से मुझे विधवा पैंशन मिलती थी वो भी बंद कर दी, अब गेहूं भी छीनना चाहते हैं। ये कहना था वार्ड नंबर 13 में गेहूं लेने पहुंची एक लाभपात्री महिला का। महिला ने रोते हुए बताया कि वे विधवा है और गरीब दिहाड़ीदार है। दिहाड़ी लगाकर वह अपने परिवार का पालन पोषण कर रही है। पिछले 10 सालों से उन्हें गेहूं के लिए कभी भी ऐसे परेशान नहीं होना पड़ा।

मगर, अब सरकार द्वारा दी जाने वाली गेहूं को गरीबों को दिए जाने में जो औछी राजनीति हो रही है वह ठीक नहीं है। जो गेहूं सरकार देती है उसे बांटने वाले ये कौन हैं, इन्होंने कभी आकर किसी का हाल भी नहीं पूछा और अब जबकि सरकार ने गेहूं भेजा है तो इनको जनता की याद आ गई। महिला के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे और उसका दर्द उसके चेहरे और शब्दों में साफ झलक रहा था। जिसका जवाब शायद किसी के पास नहीं थे।
इस दौरान और भी महिलाओं ने बताया कि उनके वार्ड में गेहूं को देने के लिए इस प्रकार फोटो की राजनीति किसी ने नहीं की थी।












