
-उज्जैन में महाकाल मंदिर के बाहर मुस्लिम लोग बेचते हैं हिन्दू देवी देवताओं से जुड़ी धार्मिक किताबेें-
होशियारपुर: एक तरफ जहां कुछ राजनीतिक व देश विरोधी ताकतें लोगों को एक दूसरे के खिलाफ खड़ा करने के षड्यंत्र रच कर आए दिन कोई न कोई फसाद खड़ा रखती हैं वहीं दूसरी तरफ समाज में कोई नहीं चाहता कि ऐसा कोई मामला उनकी शांिित भंग करे। लोग आपसी सौहार्द व भाईचारे से जीवन व्यतीत करना चाहते हैं। लोगों के आपसी प्यार व एक दूसरे के प्रति आदर सम्मान की भावना धार्मिक स्थलों के बाहर हर धर्म से जुड़े लोगों द्वारा कारोबार करने की उदाहहरण सबके समक्ष है। जहां लोग धर्म व जाति भूलकर पेट पालने के लिए पूरी श्रद्धा को साथ कार्य करते हैैं। उक्त बात उज्जैन से महाकाल के दर्शन करने उपरांत बजरंंग दल के विभाग प्रमुख शेरे पंजाब सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि उज्जैन में महाकाल मंंदिर के बाहर एक मुस्लिम समुदाय से जुड़े व्यक्ति सलीम से मिलने का मौका मिला। जो हिन्दू देवी देवताओं से जुड़ी धार्मिक पुस्तकें बेचने का कार्य करता है तथा पिछले 20 सालों से इस कारोबार से जुड़ा हुआ है। शेरे पंजाब सिंह ने बताया कि मुस्लिमम होते हुए भी वह इस कार्य को करता है पूछने पर सलीम ने बताया कि धर्म किसी से बैैर करना नहीं सिखाता और अमन ही इंसान की पहचान है। समाज को बांटने के लिए जो लोग राजनीति करते हैं उन्हें आम आदमी की भावनाओं की कद्र करनी चाहिए तथा समाज क्या चाहता है यह जानना चाहिए। हम लोग सभी धर्मों का आदर करते हैं और महाकाल के दर्शनों को आने वाले भक्तों द्वारा पुस्तकें खरीदने से उनकाा घर चलता हैै तो वे या उनके समाज के लोग किसी केे खिलाफ कैसे हो सकते हैं। सलीम का कहना था कि यह सब वोट की राजनीति का चक्कर है जिसे जनता को समझना चाहिए। शेरे पंजाब सिंह ने कहा कि सलीम के विचार सुनकर वे काफी प्रभावित हुए और उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अपील की कि जनता की भवनाओं को समझने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए ऐसी नीतियों पर कार्य किया जाए जिनका सभी को एक समान लाभ मिले।












