
दातारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। दातारपुर के बाबा लाल दयाल आश्रम में अपने सदगुरु के लिए श्रद्धा आस्था और भक्ति के पर्व गुरु पूर्णिमा के अवसर पर हजारों श्रद्धालु नतमस्तक हुए तड़के चार बजे से ही दूरदराज के शहरों दिल्ली, चंडीगढ़, करनाल, जम्मू, लुधियाना, शिमला, तथा अन्य स्थानों से पिछले कल से आए भक्तों ने स्नान आदि से निवृत्त हो कर पंक्ति बद्ध होकर बाबा लाल दयाल जी महाराज तथा वर्तमान पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर महंत रमेश दास जी महाराज के समक्ष नतमस्तक हो कर कलाई पर राखी बांधी और मस्तक पर तिलक लगाकर उपहार भेंट कर अपनी श्रद्धा का इज़हार किया।

लंबी लंबी लाइनें लगाकर भक्तजन सारा दिन गुरुदेव के जयकारों से माहौल पावन एवं भक्तिमय बना रहे हैं बारह बजे तक लगभग बीस हज़ार भक्तों ने हाजिरी लगवाई और शाम तक चालीस हजार से अधिक श्रद्धालुओं की शिरकत होने की संभावना है। सैकड़ों गाड़ियां और अस्थाई दुकानें सजाई गई है। लंगर का आयोजन सुबह से ही जारी है और लोग बड़ी संख्या में प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं
इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए महंत रमेश दास जी महाराज ने कहा कि गुरु के शरण में जाने से ही मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। जन्म से मनुष्य काम क्रोध, मोह, लोभ तथा मद जैसे पांच चीजों से ग्रसित रहता है। कोई व्यक्ति जो सच्चे सुख की चाह रखता है, उसे गुरु की शरण में जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक गुरु वही होता है, जो भौतिक सुख को त्याग कर देवत्व की शरण में चला जाता है। सच्चे गुरु वैदिक ज्ञान को अपने शिष्यों को समझाते हुए अपने अर्जित ज्ञान से दूसरे को निपुण करना और सच्चे मार्ग दिखलाना गुरु का धर्म होता है।
उक्त गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सुबह से शिष्य गणों का आने जाने का तांता लगा रहा। देर शाम तक चलता रहा। नमन को शिष्यों की भारी भीड़ लगी रही। शिष्य गण गुरुजी को नमन करते आशीर्वाद प्राप्त कर आते-जाते रहे। इस अवसर पर अनेक भजन मंडलियों ने बाबा लाल दयाल जी की महिमा का गुणगान किया। लंगर सुबह से ही जारी है। इस अवसर पर इंद्रजीत शर्मा, प्रवीण सहगल, सुशील सहगल,ओम प्रकाश भाटिया, प्रदीप सहगल, सरपंच पवन कुमार, भाजपा जिला महामंत्री सतपाल शास्त्री, कैप्टन ओंकार सिंह, कैप्टन रविंद्र शर्मा, अनुक शास्त्री, अमित शारदा, मनदीप सिंह लवली, सुधा, सुदेश कुमारी, तरसेम लाल, गौरव, तथा अन्य उपस्थित थे।











