Saturday, October 24, 2026
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डा. बलजीत ने अनुसूचित जाति सर्टिफिकेट फर्जीवाड़े खिलाफ की सख्त कार्रवाई

चंडीगढ़ (द स्टैलर न्यूज़)। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य में अनुसूचित जातियों के हितों की रक्षा के लिए वचनबद्ध है। इस दिशा में काम करते हुए जसवीर सिंह पुत्र निशान सिंह निवासी घनौर, तहसील, जिला पटियाला (ई.टी.टी.टीचर तैनाती बलटाना जीरकपुर एस.ए.एस. नगर) फर्जी पिछडी श्रेणी सर्टिफिकेट और पंच मिट्ठू राम पुत्र जानी राम गांव सुरल कलां, जिला पटियाला का फर्जी अनुसूचित जाति सर्टिफिकेट सरकारी स्तर पर गठित राज्य स्तरीय स्क्रूटनी कमेटी द्वारा खारिज कर दिया गया है।

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इस बारे में जानकारी देते हुए सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मंत्री डा. बलजीत कौर ने कहा कि बलवीर सिंह पुत्र निर्मल सिंह, गांव आलमपुर, पटियाला ने डायरैक्टर सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक विभाग के पास शिकायत दर्ज करवाई थी कि जसवीर सिंह हरियाणा से आकर शादी के बाद यहां का निवासी बन गया और उसने पंजाब राज्य का पिछडी श्रेणी सर्टिफिकेट बनवा लिया। इस सर्टिफिकेट के आधार पर उसने शिक्षा विभाग में शिक्षक की नौकरी प्राप्त की है। शिकायतकर्ता ने जसवीर सिंह का पिछडी श्रेणी सर्टिफिकेट रद्द करने और उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा है।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इसी तरह पाला सिंह, जसविंदर सिंह और हरनीत सिंह सभी निवासी गांव सुरल कलां तहसील राजपुरा जिला पटियाला द्वारा डायरैक्टर सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक विभाग को शिकायत की कि मिट्ठू राम पुत्र जानी राम पंच ग्राम पंचायत सुरल कलां तहसील राजपुरा, जिला पटियाला राजपूत जाति से संबंधित है, लेकिन उसे अनुसूचित जाति का सर्टिफिकेट बनवाया हुआ है। इस सर्टिफिकेट के आधार पर वह सुरल कलां का पंच चुना गया था। शिकायतकर्ताओं ने मिट्ठू राम का सर्टिफिकेट रद्द करने और उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा है।

मंत्री ने आगे कहा कि इस मामले को लेकर सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक विभाग और डिप्टी कमिश्नर पटियाला से रिपोर्ट मांगी गई थी। इस मामले की जांच करने पर पता चला कि जसवीर सिंह जाति पिछडी श्रेणी से है, लेकिन वह बाहर से आकर यहां का निवासी बन गया। इसलिए सरकार के निर्देशानुसार वह पंजाब में पिछडी श्रेणी का लाभ नहीं ले सकता। इसलिए, जसवीर सिंह को पंजाब के स्थायी निवासी के रूप में जारी पिछडी श्रेणी सर्टिफिकेट रद्द करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार, मिट्ठू राम के मामले की जांच करने पर यह सामने आया कि मिठू राम अपने स्कूल रिकॉर्ड, कुर्सीनामे और नंबरदारों के बयानों के अनुसार राजपूत जाति से है, लेकिन उसने अनुसूचित जाति का सर्टिफिकेट बनवाया है। मिट्ठू राम को विजीलैंस सैल ने रिपोर्ट  के लिए 22, 28 जून, 24 अगस्त और 1 सितंबर को उपस्थित होने को कहा था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुआ इसलिए, जिला सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता अधिकारी, पटियाला की रिपोर्ट पर विचार करते हुए मिट्ठू राम पुत्र जानी राम का अनुसूचित जाति सर्टिफिकेट रद्द करने का निर्णय लिया गया है।

मंत्री ने कहा कि पटियाला के डिप्टी कमिश्नर को जसवीर सिंह पुत्र निशान सिंह के पिछडी श्रेणी सर्टिफिकेट नंबर 189  तिथि 28.01.2014 और मिट्ठू राम के अनुसूचित जाति सर्टिफिकेट नंबर 1724 तिथि 25.11.1997 को रद्द करने और जब्त करने का आदेश दिया गया है। इसी प्रकार, विभाग द्वारा डी.पी.आई (एलीमैंट्री एजुकेशन) जसवीर सिंह पुत्र निशान सिंह (ई.टी.टी. अध्यापक तैनात बलटाना जीरकपुर एस.ए.एस. नगर) द्वारा बनाए गए बी.सी. सर्टिफिकेट के आधार पर लिए लाभ वापस लेने के निर्देश दिए गए है।

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