
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। सफलता जादू से नहीं मिलती। सफल होने के लिए जरूरी कौशल की आवश्यकता होती है। यह सार्वभौमिक सत्य नई पीढ़ी पर भी लागू होता है।उक्त बात जिला गाइडेंस कौंसलर अमरीक सिंह ने आज सरकारी सीनियर सेकंडरी स्कूल अज्जोवाल में एनएसक्यू विद्यार्थियो को संबोधित करते कही। उन्होंने कहा कि युवा ऊर्जा किसी भी देश के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को गति देने वाली ताकत बन सकती है, बशर्ते उसे प्रभावी रूप से दिशा दी जाए। कौशल विकास और रोजगार इस ताकत को आगे बढ़ाने के सबसे अच्छे साधन हैं।

युवा जनसंख्या के मामले में भारत के पास दुनिया का सबसे बड़ा भंडार है। भारतीय शिक्षा व्यवस्था शानदार मस्तिष्कों को जन्म देती रही है, लेकिन रोजगार विशेष के लिए जरूरी कौशल की उसमें कमी है। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से निकल रही प्रतिभा और रोजगार योग्य कौशल की संभावना एवं मानक के मामले में उसकी अनुकूलता के बीच बड़ा अंतर है। उन्होंने कहा कि समावेशी वृद्धि के लिए सभी स्तरों पर कुशल मानव संसाधन अनिवार्य है। कौशल विकास को अलग-थलग करके नहीं देखा जा सकता।
इसे कौशल प्रशिक्षण को एक ही समय में शिक्षा तथा रोजगार से जोड़ने की अटूट प्रक्रिया होना पड़ेगा। सरकारी एजेंसियाँ और व्यवस्था अकेले यह काम पूरा नहीं कर सकते। कौशल प्रदान करने की प्रक्रिया में निजी क्षेत्र, गैर सरकारी संगठनों, कौशल प्रशिक्षण के अनुभव वाले शिक्षण संस्थानों को जुटना पड़ेगा। सभी वर्गों को समान महत्त्व दिए जाने की आवश्यकता है। युवाओं को कौशल प्रदान करने के लिए शिक्षा का व्यवसायीकरण बेहद महत्त्वपूर्ण है। उसके साथ ही समाज के अन्य वर्गों जैसे महिलाओं, आदिवासियों आदि को ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आवश्यकता है, जो उनकी विविध एवं विशिष्ट जरूरतों के अनुसार हों। इस मोके पर चरणजीत सिंह भी मौजूद थे।











