
कोलकाता (द स्टैलर न्यूज़)। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुए ट्रेनी डाक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में कई बड़े खुलासे हुए है। सीबीआई की अब तक की गई जांच और सहपाठियों के बयानों के मुताबक कई बड़े खुलासे हुए है। लेकिन मुख्य बात यह है कि मानव अंगों की अवैध कारोबार का खुलासा करने की कोशिशों से रोकने के लिए ट्रेनी डॉक्टर के साथ ऐसा दुष्कर्म करके हत्यारों ने अपना रास्ता साफ किया। जानकारी मुताबक सीबीआई 2 दिनों में 19 लोगों से पूछताछ कर चुकी है। जिसमें ज्यादातर लोगों ने अस्पताल में मानव अंगों की तस्करी के रैकेट को लेकर जानकारी दी। सीनियर नेता ने दावा किया कि उनके पास डॉक्टरों का एक वॉट्सएप ग्रुप के स्क्रीनशॉट है, जिससे अस्पताल में सेक्स और ड्रग रैकेट का पता चलता है।

इसमें एक अन्य पार्टी के सीनियर नेता और उनके भतीजे का भी जिक्र बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि अस्पताल में कचरे से कुछ दवा और सामान की सप्लाई का काम प्रबंधन के करीबी को मिला था, लेकिन शर्त मुताबक सप्लाई नहीं की जा रही थी। जिसकी पीड़िता को भनक लग गई थी। शायद जिसकी वजह से पीड़िता को हत्यारों ने रास्ते से हटा दिया। इस सबंधी एक डाक्टर ने दावा किया है कि इस संबंधी पीड़िता ने स्वास्थय भवन में शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने बताया कि ट्रेनी डाक्टरों इन हत्यारों के खिलाफ पुख्ता सबूत इकट्ठे कर रही थी और मामले का पर्दाफाश करने की योजना बना रही थी।
पीड़िता के पिता ने कहा कि इस घटना में अस्पताल का पूरा डिपार्टमेंट शामिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि सबूतों को मिटाने के लिए सेमिनार हॉल के पास रेनोवेशन के नाम पर तोड़फोड़ की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मृतका के शरीर पर 14 से ज्यादा चोट के निशान थे। मृतका के सिर, गाल, होंठ, नाक, दाहिना जबड़ा, ठोड़ी, गर्दन, बायां हाथ, बायां कंधा, बायां घुटना, टखना और प्राइवेट पार्ट पर चोट के निशान मिले हैं। शरीर के अंदरूनी हिस्सों में भी चोटें आई है। फेफड़ों में रक्त के थक्के जम गए थे। जननांग के अंदर भी एक सफेद गाढ़ा चिपचिपा तरल पदार्थ मिला। मृतका का शव खून से लथपथ मिला। बता दें कि इस घटना में अबतक सिर्फ एक व्यक्ति, संजय रॉय की गिरफ्तारी हुई है।
इस मामले में केंद्र सरकार को गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए है देश में महिला सुरक्षित रहें, इसके लिए कानून व्यवस्था में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए जाने चाहिए।












