
कोलकाता (द स्टैलर न्यूज़)। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर के मुख्य आरोपी संजय रॉय ने पॉलीग्राफी टेस्ट में दावा किया है कि जब वह अस्पताल के सेमिनार हॉल में पहुंचा था तब तक ट्रेनी डॉक्टर की मौत हो चुकी थी। उसनेखुद को बेगुनाह बताते हुए पॉलीग्राफी टेस्ट में कई और दावे किए। सीबीआई अधिकारियों की मौजूदगी में प्रेसिडेंसी जेल में आरोपी संजय रॉय का पॉलीग्राफ टेस्ट करवाया गया। यह टैस्ट तीन घंटे तक चला, जिसमें संजय रॉय ने कई चौंकाने वाले जवाब दिए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी रॉय टेस्ट के दौरान काफी घबराया हुआ नजर आया। बताया जा रहा है कि इस टैस्ट को लेकर उसके कई बहाने भी बनाए।

सीबीआई ने जब साक्ष्य पेश किए तो आरोपी ने कई बहाने भी बनाए। इस दौरान संजय रॉय ने बताया कि 8-9 अगस्त की रात वह शहर के अलग-अलग रेड लाइट एरिया गया था। उसने बताया कि उसने कोई यौन संबंध नहीं बनाए थे। उसने बताया कि 9 अगस्त को वह अपने दोस्त सौरभ के साथ बाइक से आरजी कर अस्पताल पहुंचा था। जहां अस्पताल में संजय के दोस्त सौरभ का भाई भर्ती था। उसने बताया कि वह केवल वहां उसका हालचाल जानने गया था। सियालदह एसीजेएम अदालत में भी उसने यही बयान देते हुए पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए सहमति जताई थी। हालांकि सीबीआई और पुलिस को उसके दावों में सच्चाई नजर नहीं आ रही है। एक अधिकारी के मुताबिक वह जांच को गुमराह कर रहा है, क्योंकि वह अपने चेहरे पर लगी चोट और अस्पताल में अपनी मौजूदगी को लेकर कोई जवाब नहीं दे सका। फिलहाल सीबीआई की तरफ से हर पहलू से जांच की जा रही है।












