
होशियारपुर (द स्टैलर न्य़ूज़)। पिछले 15 दिनों से पंजाब सरकार और सरकारी डॉक्टरों के बीच चल रही बातचीत के बाद भी सरकार ने एसीपी के मुद्दे पर किसी भी तरह की अधिसूचना नहीं दी है और न ही कोई सुरक्षा गार्ड नियुक्त किये गये हैं। स्वास्थ्य मंत्री द्वारा दिये गये सुरक्षा व्यवस्था के आश्वासन पर जमीनी स्तर पर कोई व्यवस्था नहीं होते देख डॉक्टरों में भारी आक्रोश है। इसके बाद पंजाब में डॉक्टरों के सबसे बड़े संगठन पंजाब सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन ने निदेशक को पत्र लिखकर विभाग को चेतावनी दी है कि पूरे राज्य के सरकारी डॉक्टर पूर्ण हड़ताल से पहले ही 2 तारीख से मासिक रिपोर्टें, बेंचमार्क संकेतक और अन्य कार्यालय कार्यों का बहिष्कार करेगे। मांगें पूरी होने तक किसी भी विभागीय बैठक में भाग नहीं लेंगे। इस संबंध में आज पी.सी.एम.एस.ए एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष डाॅ.करतार सिंह और महासचिव डॉ. मुनीष कुमार के नेतृत्व में सिविल सर्जन होशियारपुर डाॅ. पवन कुमार शगोत्रा को एक मांग पत्र सौंपा गया। इस अवसर पर एसोसिएशन के सदस्य डाॅ. हरपुनीत कौर, डाॅ. जगदीप सिंह, डॉ. साहिलदीप, डॉ. सनम संधू, डॉ. नवजोत संधू, डॉ. सुशांत, डॉ. सौरव शर्मा और डॉ. हितेश अग्रवाल मौजूद रहे।

गौरतलब है कि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कलकत्ता के डॉक्टर की हत्या के बाद पंजाब भर में एक दिवसीय हड़ताल को खुलवाते हुए डॉक्टरों को आश्वासन दिया था कि मुख्यमंत्री भगवंत मान अस्पतालों में सुरक्षा के मुद्दे पर बहुत गंभीर हैं और इसी माह में प्रत्येक सरकारी अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, इस संबंध में विभाग ने व्यय बजट तैयार कर वित्त विभाग को भेज दिया है, लेकिन अभी तक जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था शून्य है और यह इन सब बातों के बावजूद भी इसी महीने डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ पर हमले की 9 और घटनाएं हुईं। एसोसिएशन ने कहा कि बैठक में सुरक्षा के अलावा विभाग ने यह भी आश्वासन दिया था कि पहले से जारी समयबद्ध एसीपी की व्यवस्था को बंद नहीं किया जायेगा और इसे बहाल करने के लिए सरकार जल्द ही अधिसूचना पर निर्णय लेगी, लेकिन सरकार की चुप्पी से पता चलता है कि वह स्वास्थ्य कर्मचारियों और जनहित के प्रति गंभीर नहीं हैं। हालांकि डॉक्टर एसोसिएशन ने आश्वासन दिया कि अगर सरकार बैठक बुलाएगी तो वे हिस्सा लेंगे, लेकिन ये मांगें बेहद अहम हैं और इन पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।











