
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। स्वास्थ्य विभाग पंजाब और डिप्टी कमिश्नर सुश्री कोमल मित्तल, सिविल सर्जन डा. पवन कुमार शगोत्रा और डिप्टी मेडिकल कमिश्नर डा. हरबंस कौर के निर्देशानुसार नशा मुक्त भारत अभियान के तहत आज सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूल नारू नंगल में इनके सहयोग से प्रिंसिपल शलिंदर ठाकुर ने उपचार जागरूकता कार्यशाला आयोजित की। इस अवसर पर बोलते हुए प्रशांत आदिया काउंसलर, सरकारी पुनर्वास केंद्र होशियारपुर ने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की नींव होते हैं और वे देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। इसलिए यह बहुत जरूरी है कि युवा बड़ी संख्या में नशा मुक्ति अभियान से जुड़ें और नशा मुक्त भारत अभियान के तहत इस चुनौती को स्वीकार करें और संकल्प लें कि हम समाज को तभी बदल सकते हैं जब हम इस अभियान के प्रति जागरूक होंगे क्योंकि बदलाव की शुरुआत यहीं से होनी चाहिए स्वयं ताकि हम सब मिलकर अपने जिले, राज्य और देश को नशा मुक्त बना सकें। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार नशा एक बार-बार होने वाली दीर्घकालिक मानसिक बीमारी है, जिसका इलाज पंजाब के स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क प्रदान किया जाता है।

नशे की लत वाला व्यक्ति भटका हुआ होता है, उससे नफरत करने या उसका मजाक उड़ाने की बजाय उसे प्यार से समझाकर वापस सही रास्ते पर लाना चाहिए। क्योंकि इसका इलाज हर जिले की स्वास्थ्य सुविधा में निःशुल्क किया जाता है। नशे की लत से पीड़ित व्यक्ति को हेपेटाइटिस-सी (काला पीलिया), एचआईवी हो सकता है। वे एड्स जैसी भयानक बीमारी के शिकार हो सकते हैं। इन बीमारियों का इलाज भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। इस अवसर पर ब्लॉक हरटा के अंतर्गत चबेवाल ओट क्लिनिक के ट्यूटर काउंसलर बलवीर लाल ने इस बीमारी के इलाज के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर उपस्थित लगभग 350 विद्यार्थियों ने नशा मुक्त रहने की शपथ ली।












