
नई दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़)। उद्योगपति रतन टाटा 86 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह चुके है। जिसके बाद उनका वसीयत का मामला काफी सुर्खियों में है। बताया जा रहा है कि रतन टाटा अपने पीछे 10 हजार करोड़ की संपत्ति छोड़ कर गए है। खास बात है कि रतन टाटा की वसीयत में शांतनु नायडू और उनके पालतू कुत्ते ‘टीटो’ का भी जिक्र है। रतन टाटा को जानवरों से काफी प्यार थे। रतन टाटा ने वसीयत में स्टार्टअप गुडफैलोज में अपनी कुछ हिस्सेदारी शांतनु नायडू के नाम की है।

आपको बता दें कि रतन टाटा और नायडू पालतू जानवरों के प्रति अपने प्रेम के चलते करीब आए। पुणे के रहने वाले नायडू को अमेरिका में पढ़ाई के बाद रतन टाटा के निजी कार्यालय, आरएनटी में नियुक्त किया गया था। इसके इलावा रतन टाटा ने अपनी वसीयत में अपनी संपत्ति का एक हिस्सा अपनी सौतेली बहनों, शिरीन और डियाना जेजीभॉय, अपने भाई जिमी टाटा, अपने वफादार बटलर के भी दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा सन्स में उनकी हिस्सेदारी को उनके चैरिटेबल ट्रस्ट रतन टाटा एनडोमेंट फाउंडेशन (RTEF) में ट्रांसफर किया जाएगा। इसके अलावा टाटा मोटर्स समेत टाटा ग्रुप की दूसरी कंपनियों में रतन टाटा की हिस्सेदारी भी इसी ट्रस्ट को दी जाएगी।












