
अमृतसर (द स्टैलर न्यूज़)। पंजाब के अधिकतर सरकारी कार्यालयों में यह देखा गया है कि जब जनता या जूनियर कर्मचारी आफिसर को मिलने के लिए आते हैं तो बहुत से अधिकारी कई कुर्सियां खाली होने के बावजूद भी जनता को तथा जूनियर अधिकारी को खड़ा रखते हैं। यह किसी तरह भी उचित नहीं। शिष्टाचार के नाते भी जो कार्यालय में आया है उसे अगर स्थान खाली है तो बैठना ही चाहिए और यह धारणा कि बड़े अफसर के सामने जूनियर नहीं बैठेंगे यह भी किसी तरह उचित नहीं। मैंने स्वयं यह देखा है कि एक दर्जन से ज्यादा कुर्सियां खाली होने के बाद भी जूनियर कर्मचारी खड़े रहते हैं और जनता भी तब तक खड़ी रहती है जब तक वरिष्ठ अधिकारी उन्हें बैठने के लिए संकेत नहीं देता।

पंजाब के चीफ सेक्रेट्री से और पंजाब के मुख्यमंत्री जी से मेरा यह कहना है कि अपने सभी सरकारी कार्यालयों में बैठने के लिए उतना प्रबंध करें जितने लोग कार्यालय में आते हैं या आने की संभावना रहती है। विशेषकर सभी अधिकारियों को यह निर्देश दें कि उनका कोई भी कनिष्ठ या वरिष्ठ अधिकारी या नागरिक उन्हें मिलने आए उसे खड़ा न रखा जाए। अनेक बार यह भी देखा गया कि अगर अधिकारी ने किसी जूनियर अधिकारी को कोई आदेश या निर्देश भी दिखाना है तो लिखने वाला खड़ा रहकर ही लिखता है। यह लोकतंत्र के भी विरुद्ध है और सरकार की इज्जत भी कम करने वाला व्यवहार है।











