Thursday, October 29, 2026
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राष्ट्रपति से भारतीय राजस्व सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों की मुलाकात

नई दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़)। भारतीय राजस्व सेवा (सीमा शुल्क और अप्रत्यक्ष कर) के प्रशिक्षु अधिकारियों ने राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। अधिकारियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय राजस्व सेवा (सीमा शुल्क और अप्रत्यक्ष कर) हमारी अर्थव्यवस्था को एक समान कर प्रणाली और साझा प्रशासनिक मूल्यों के माध्यम से जोड़ती है। यह सेवा देश के कर प्रशासन में एकरूपता को बढ़ावा देती है। भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी भारत सरकार, व्यापार और विभिन्न राज्यों के कर प्रशासन के बीच बहुत ही महत्वपूर्ण कड़ी हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि विश्व में बदलते सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य में राष्ट्रीय हित का एजेंडा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग से तय होता है। राजस्व सेवा के अधिकारी देश की आर्थिक सीमाओं के संरक्षक हैं।

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उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उन्हें हमेशा ईमानदारी और समर्पण के साथ काम करना होगा। उनकी भूमिका दूसरे देशों के साथ व्यापार सुगम बनाने के समझौतों में भी महत्वपूर्ण होगी। राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय राजस्व सेवा (सीमा शुल्क और अप्रत्यक्ष कर) देश को आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे के निर्माण, सामाजिक-आर्थिक योजनाओं के संचालन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने जैसे कार्यों के लिए संसाधनों का उपयोग करने में सक्षम बनाती है। यह कार्य राष्ट्र निर्माण में भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हैं। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि प्रशासक के रूप में अपनी भूमिका संपन्न करने के लिए, उन्हें ऐसी प्रणालियाँ और प्रक्रियाएँ विकसित करने की ज़रूरत है जो पारदर्शी हों और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करें।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय राजस्व सेवा (सीमा शुल्क और अप्रत्यक्ष कर) देश को आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे के निर्माण, सामाजिक-आर्थिक योजनाओं के संचालन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने जैसे कार्यों के लिए संसाधनों का उपयोग करने में सक्षम बनाती है। यह कार्य राष्ट्र निर्माण में भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हैं। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि प्रशासक के रूप में अपनी भूमिका संपन्न करने के लिए, उन्हें ऐसी प्रणालियाँ और प्रक्रियाएँ विकसित करने की ज़रूरत है जो पारदर्शी हों और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करें।

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