
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। माननीय डिप्टी कमिश्नर होशियारपुर कोमल मित्तल (आईएएस) एवं डिप्टी मेडिकल कमिश्नर होशियारपुर डा. हरबंस कौर के दिशा-निर्देशों के अनुसार जिला नशा पुनर्वास केंद्र, होशियारपुर द्वारा नशे की लत के दुष्प्रभावों और उपचार पर एक जागरूकता सेमिनार का आयोजन प्रिंसिपल गुरजोत कौर जी के नेतृत्व में ब्लिस पब्लिक स्कूल, माना, होशियारपुर में किया गया। जिसमें जिला नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्र होशियारपुर के मेडिकल ऑफिसर डा. महिमा मिन्हास मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। इस अवसर पर निशा रानी जिला प्रबंधक, प्रशांत आदिया काउंसलर, तथा तानिया वोहरा काउंसलर ने रिसोर्स परसन के रूप में विद्यार्थियों को नशे तथा उसके उपचार के बारे में जागरूक किया। सेमिनार को संबोधित करते हुए डा. महिमा मिन्हास ने कहा कि नशे से परेशान युवाओं को सबसे पहले नशे के प्रति जागरूक होना होगा, तभी हम “पंज आबां दी धरती” पंजाब के युवाओं को नशा मुक्त बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा नशे की लत का इलाज मुफ्त किया जाता है। अगर कोई मरीज इलाज के लिए आता है तो नशा मुक्ति केंद्र उसे पूरा इलाज देने के लिए प्रतिबद्ध है।

सेमिनार के दौरान प्रबंधक निशा रानी ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार नशा एक मानसिक बीमारी है, जिसका सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं में निशुल्क इलाज किया जाता है। उन्होंने नशीली दवाओं की लत के कारणों, लक्षणों और इससे जुड़ी बीमारियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। तानिया वोहरा ने बताया कि होशियारपुर जिले के नशा मुक्ति केंद्र, सिविल अस्पताल होशियारपुर और दसूहा में नशे की लत से छुटकारा पाने वालों का इलाज मुफ्त किया जाता है। जिसमें मरीज को पहले 15-21 दिनों तक डिटॉक्सीफाई किया जाता है। इसके बाद मरीज को सरकारी पुनर्वास केंद्र मोहल्ला फतेहगढ़ होशियारपुर में 90 दिनों के लिए भर्ती किया जाता है, जहां व्यक्तिगत परामर्श, ग्रूप परामर्श, आध्यात्मिक परामर्श के साथ-साथ खेल और थेरेपी भी प्रदान की जाती है।
इस अवसर पर काउंसलर प्रशांत आदिया ने बताया कि पुनर्वास केंद्र में नशा मुक्ति उपचार के साथ-साथ प्रमाणित कौशल विकास पाठ्यक्रम भी करवाए जाते हैं ताकि रोगी अपने पैरों पर खड़ा हो सके। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग पंजाब के उपायुक्त तथा श्रीमती कोमल मित्तल आई.ए.एस. होशियारपुर के प्रयासों से पुनर्वास केंद्र मरीजों को व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करता है और उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने में मदद करता है। इस अवसर पर अभिमन्यु खरबंदा, प्रशासनिक प्रमुख, नीलम मैडम, जगरूप सिंह, समस्त स्टाफ व विद्यार्थी आदि उपस्थित थे।












