
अमृतसर (द स्टैलर न्यूज़)। श्री प्रयागराज में महाकुंभ का बड़ी धूमधाम और सफलता से आयोजन चल रहा है। पूरे देश और दुनिया से श्रद्धालु तो आए ही हैं, पर लाखों की संख्या में संतजन भी आए हैं। मुझे यह लगता था कि कु्ंभ के समय जब संतजन इकट्ठे होंगे तो वहां देश छोड़कर जा रहे बच्चों, नशे में ग्रस्त युवकों और अपराध की दुनिया में फंसे युवाओं पर कोई चिंता और चिंतन तथा चिंतन का परिणाम मिलेगा, पर ऐसा कुछ नहीं हुआ। श्री योगी जी से भी मैंने यह अपील की थी कि जो संतजन विशेषकर नागा संत तथा अखाड़ों के मुखिया वहां आए हैं वे उनसे पंजाब की ओर से निवेदन करें कि वह कुछ समय के लिए पंजाब में आएं और यहां की जवानी को रास्ता भी दिखाएं तथा उनको नशों और अपराध से दूर करें। मैं यह आशा रखती थी कि संतजन युवा पीढ़ी को भारतीयता से जोड़े रखने के लिए भी कोई प्रभावी निर्णय लेंगे और वह निर्णय जन जन तक पहुंचाने के लिए पूरे देश में भ्रमण करेंगे, जनता को मिलेंगे।

स्कूलों-कालेजों, गांवों-शहरों में जन संपर्क करके अपनी तपस्या के बल से युवा शक्ति को सही रास्ते पर ले आएंगे, पर लगता है कि ऐसा कोई विचार, निर्णय वहां नहीं हुआ। केवल मोक्ष की कामना के साथ ही करोड़ों देशवासी धीरे-धीरे स्नान करते हुए अपने घरों में और संतजन अपने आश्रमों में लौट जाएंगे। मेरा देश के सारे साधु संतों से, सभी संप्रदायों के वरिष्ठजनों से एक बार फिर यह निवेदन है कि अपने देश के उन बच्चों को संभालिए जो विदेश जाने की दौड़, नशों और अपराध की दुनिया में फंसे हैं और भरी जवानी में नशे की लत के कारण मौत के मुंह में जा रहे हैं।












