
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। भारत विकास परिषद द्वारा प्रधान एवं प्रमुख समाज सेवी संजीव अरोड़ा के नेतृत्व में गोपाल मंदिर, जालंधर रोड पर संक्षिप्त समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें भजन सम्राट अनमोल राजा पुत्र विक्रम राजा को विशेष तौर पर सम्मानित किया गया व उनके द्वारा गाया गया नया भजन ’’खाटू वाले श्याम सांवरे’’ का आगाज़ भी किया गया और भजन से संबंधित पोस्टर भी जारी किया गया। इस अवसर पर प्रधान संजीव अरोड़ा ने कहा कि भजन सम्राट अनमोल राजा ने छोटी उमर से ही गाना शुरु कर दिया था और उनको यह प्रेरणा उनके पिता विक्रम राजा से मिली जो कि पिछले लम्बे समय समय से माता की भेटों का गुणगान कर रहे हैं। अनमोल राजा के भजन व माता की भेंटें यू टयूब के अलग-अलग चैनलों पर सुनी जा सकती हैं। जिसमें बहुत ही मश्हूर भेंट ’’रंगला माता नी तेरा द्वारा’’ और ’’तुम्बे वाली तार’’ (सूफी गीत) जिस को सभी ने बहुत सराहा। श्री अरोड़ा ने कहा कि संगीत की देवी मां सरस्वती की जिसके उपर कृपा होती है वह ही मां का गुणगान कर सकता है और हिन्दु परम्परा में ऐसी मान्यता है कि ब्रम्हा जी ने नारद मुनि को संगीत वरदान में दिया था। इस लिए बिना संगीत के कल्पना नहीं की जा सकती, पूरी मानव जाति के लिए संगीत भगवान द्वारा दिया गया उपहार है।

इस मौके पर अनमोल राजा के पिता विक्रम राजा ने बताया कि अनमोल ने आल इंडिया धार्मिक प्रतियोगिता जम्मू कश्मीर में भाग लेकर तीन बार गोल्ड मैडल जीता और स्टार प्लस चैनल पर रियेलटी शो तारे जमीन पर ’चमकता सितारा’ का खिताब भी हासिल किया। इसके साथ-साथ विभिन्न भजन व माता की भेटें गा कर प्रसिद्धि हासिल की। सचिव राजेन्द्र मोदगिल ने कहा कि संगीत हमारे लिए आत्मीय कुंजी के समान है जो कि मानसिक और शारीरिक रुप से स्वस्थ्य बनाये रखने में सहायता करता है और इससे आनंद की प्राप्ति होने के साथ साथ मन की शांति भी मिलती है। सम्मानित होने के पश्चात अनमोल राजा ने परिषद का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्हे आज गर्व महसूस हो रहा है कि उन्हें भारत विकास परिषद समाजिक संस्था ने उन्हे सम्मान दिया जिससे उनका हौंसला और भी बड़ा है और वह कोशिश करेगा कि संगीत के क्षेत्र में देश का नाम उंचा कर सके। इस अवसर पर राजेन्द्र मोदिगिल, दविन्द्र अरोड़ा, रमेश अरोड़ा, जगदीश अग्रवाल, अमरजीत शर्मा, रमेश भाटिया, नवीन कोहली, जतिन अरोड़ा, अशोक सेतिया, विक्रम राजा, अमित कुमार, सुरिन्द्र कुमार आदि उपस्थित थे।











