
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। जिला शिक्षा अधिकारी सेकेंडरी मैडम ललिता अरोड़ा ने कहा है कि सरकारी स्कूलों में 31 मई को आयोजित होने वाली मेगा पी.टी.एम.(अभिभावक अध्यापक मिलनी) के दौरान अभिभावकों को पॉलीबैग तथा प्लास्टिक के लिफाफो के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं जिले के कई स्कूलों में अभिभावकों को विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए कपड़े के बैग भी वितरित किए जाएंगे। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जिले के जिन स्कूलो में वोकेशनल/ एन.एस.क्यू.एफ. स्कीम के अधीन गारमेंट मेकिंग, निटिंग तथा स्टिचिंग आदि कोर्स चल रहे है तथा अन्य ट्रेडों के मास्टरों/ट्रेनरों ने विद्यार्थियों को पुराने कपड़ों से थैले बनाने सिखाए ताकि प्लास्टिक के लिफाफे व पालीबैग प्रयोग करने की प्रवृत्ति को कम किया जा सके।

उन्होंने स्कूल प्रमुखों से कहा कि इस सारी कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड मेंटेन किया जाए तथा कपड़े के बने थैले बच्चों के अभिभावकों को मेगा पी. टी. एम. वाले दिन वितरित किए जाएं तथा उन्हें प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाए क्योंकि कई बार जानकारी के अभाव के चलते भी कई लोग प्लास्टिक का प्रयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर हम अभिभावकों को प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में बताने में सफल हो गए तो फिर इसका प्रभाव उनके पूरे परिवार पर पड़ेगा तथा वह भी प्लास्टिक का प्रयोग करने से संकोच करेंगे। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक के प्रयोग से वातावरण दूषित हो रहा है तथा इसको रोकना हम सब का फर्ज बनता है।












