
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। जिले में शिक्षा विभाग के तहत संचालित विभिन्न विकासात्मक और शैक्षणिक कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा के लिए एक विशेष बैठक का आयोजन मिनी सचिवालय के अशोक चक्र हाल में किया गया। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) निकास कुमार ने की, जबकि जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी एवं एलिमेंट्री) ललिता अरोड़ा ने कन्वीनर की भूमिका निभाई। अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर निकास कुमार ने बोर्ड कक्षाओं में कम परिणाम देने वाले स्कूलों की विशेष समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने इन स्कूलों के कमजोर प्रदर्शन के कारणों का विश्लेषण करने और सुधार के लिए ठोस उपाय लागू करने पर जोर दिया। साथ ही, सभी स्कूलों में “बैरियर फ्री एनवायरनमेंट” सुनिश्चित करने और इसकी शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए। निकास कुमार ने आंगनवाड़ी केंद्रों को स्कूलों के साथ समन्वय स्थापित कर बच्चों के समग्र विकास को बढ़ावा देने का निर्देश दिया। जिन स्कूलों में खेल के मैदान हैं, वहां सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने और इन कार्यों की जिम्मेदारी तय करने पर बल दिया।

उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध निगरानी और पारदर्शी रिपोर्टिंग के माध्यम से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने को कहा। ज़िला शिक्षा अधिकारी ललिता अरोड़ा ने मिशन समर्थ के अंतर्गत स्कूलों में चल रही गतिविधियों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने नाबार्ड से प्राप्त फंड के उपयोग, मुफ्त पाठ्यपुस्तक वितरण, मिड-डे मील योजना, स्मार्ट स्कूलों की प्रगति, स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार और डिजिटल लर्निंग के कार्यान्वयन पर विस्तार से जानकारी दी। बैठक में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें एपीसी जनरल निर्मल, एपीसी फाइनांस कंचन, जिला कोऑर्डिनेटर रजनीश कुमार गुलियानी, मिड डे मील मैनेजर अनिरुद्ध मोदगिल, जगदीप कौर, अंजू सैनी, वरुण जैन, अंकुर शर्मा, गोपाल, बीपीईओ राजकुमार, बीपीईओ चरणजीत, और मनु बाला भी मौजूद थे।












