
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़), संदीप डोगरा। नगर निगम के लिए सेंट्रल टाउन में रिहायशी नक्शे पर तीन मंजिला कमर्शियल इमारत का मामला गले की फांस बना हुआ है तो दूसरी तरफ शिमला पहाड़ी से पुराने ऊना रोड पर गौतम नगर में रिहायशी नक्शे पर एक और इमारत का बनना चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि मामला ध्यान में आते ही नगर निगम द्वारा मौके पर अधिकारी भेजकर काम रुकवाया जा चुका है, लेकिन बावजूद इसके काम जारी होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। नगर निगम से प्राप्त जानकारी अनुसार गौतम नगर की गली नंबर 4 के बाहर मुख्य मार्ग पर किसी व्यक्ति द्वारा रिहायशी नक्शा पास करवाया गया था, लेकिन नियमों के विपरीत उसने व्यापारिक इमारत का निर्माण करना शुरु कर दिया तथा इमारत के तीन लेंटर डाले जा चुके हैं तथा आगे की तैयारी हेतु लेबर लगातार कार्यरत है।

इमारत को एक नज़र देखने से लगता ही नहीं कि वह रिहायशी होगी, तो ऐसे में वह नियम कहां हवा हो जाते हैं, जो नक्शा पास करवाते समय अपनाए जाते हैं। इसी बीच इस बारे में जब नगर निगम को पता चलता है तो मौके पर पहुंचे अधिकारी द्वारा काम बंद करवाया जाता है तथा मालिक को संदेश भिजवाया जाता है कि इमारत संबंधी दस्तावेज पेश किए जाएं। लेकिन अभी तक मालिक द्वारा नगर निगम में कोई भी दस्तावेज पेश नहीं किए गए हैं, जिसके चलते अधिकारियों का कहना है कि सोमवार तक अगर संबंधी इमारत के मालिक द्वारा दस्तावेज पेश नहीं किए जाते तो आगे की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी, जिसके तहत इमारत को सील भी किया जा सकता है। निगम अधिकारियों ने बताया कि उक्त स्थान पर रिहायशी नक्शा पास है तथा कमर्शियल इमारत संबंधी इमारत के मालिक के पास कोई दस्तावेज न हुआ तो बनती कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
सूत्रों से यह भी पता चला है कि इमारत बनवा रहे व्यक्ति का कहना है कि वह बड़े अधिकारियों से खुद ही पास करवा लेगा। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि क्या करें, कभी किसी का फोन तो कभी किसी का फोन और सिफारिशें ऐसी कि हाथ बंध जाएं, हम काम करें भी तो कैसे। इसलिए आंखों पर पट्टी बांधनी पड़ती है। अब देखना यह होगा कि आम लोगों पर बुलडोजर चलाने वाले प्रशासन का रुख ऐसे मामलों में क्या रहता है?












