
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़), संदीप डोगरा। 22 अगस्त को होशियारपुर-जालंधर मार्ग पर गांव मंडियाला में हुए गैस कांड प्रभावित से मिलने के लिए पिछले कल यानि कि 23 अगस्त को सिविल अस्पताल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग एवं अन्य कांग्रेसी नेता पहुंचे। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में राजा वड़िंग ने कहा कि वह और रंधावा साहब मुकेरियां आए हुए थे और उन्हें पता चला तो वह मरीजों से मिलने पहुंचे।

इसके बाद सभी नेता पूर्व कैबिनेट मंत्री सुन्दर शाम अरोड़ा के निवास स्थान पर गए। अब जाहिर से बात है कि कोई मेहमान जब घर में आता है तो उसकी खातिरदारी भी तो करनी बनती है। भारतीय संस्कारों का अनुसरन करते हुए श्री अरोड़ा ने भी वैसे ही किया और चाय के साथ पकौड़ों का इंतजाम करवाया। इस दौरान वहां मौजूद एक कांग्रेस नेता कुलवीर सिंह जीरा ने पकौड़े खातों की वीडियो सोशल मीडिया पर डाल कर महान कार्य किया। वैसे पकौड़े पहली बार मशहूर नहीं हुए, इससे पहले भी कांग्रेसियों की एक रैली के दौरान भी पकौड़े काफी मशहूर हुए थे। जब रैली में आए कार्यकर्ताओं के लिए पकौड़ों का इंतजाम था तो दूसरी तरफ नेताओं के लिए शाही दावत ने भी खूब चर्चा बटौरी थी। यह तो सभी जानते हैं कि श्री अरोड़ा घर आए मेहमान को सिर आंखों पर बिठाते हैं और सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ते।
एक तरफ जहां गैस कांड प्रभावित से मिलकर दुख जता रहे नेताओं का दर्द शब्दों में बयान नहीं हो रहा था तो दूसरी तरफ वही नेता कुछ ही पलों में जनता के दुख को भूल पकौड़ों का जायका लेते हुए नज़र आए। देखा जाए तो ऐसा वीडियो डालकर न जाने नेता व उनके …. क्या सिद्ध करना चाहते हैं। लेकिन, यहां स्थित बिलकुल विपरीत नज़र आई। क्योंकि, मरीजों से मिलने के बाद का कांग्रेसी नेताओं का पकौड़ा वाला वीडियो देखकर लोगों में इस बात की चर्चा होने लगी कि यह कांग्रेसी नेता जनता के जख्मों पर मल्हम लगाने आए थे या फिर नमक छिड़कने। अगर इन्हें अरोड़ा के घर पर पकौड़े ही खाने थे या उन्हें ही मिलना था तो वह सीधे वहीं जाते, अस्पताल आकर राजनीति चमकाने की क्या जरुरत थी। अब वीडियो बनाने वाला जाने कि उसने यह क्यों बनाई और पोस्ट की। परन्तु इस वीडियो के चर्चा में आने के बाद हर कोई “पकौड़ों” को जरुर याद कर मेहमानवाजी की तारीफ जरुर कर रहा है।












