
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। होशियारपुर वन विभाग की तरफ से वनपाल संजीव तिवाड़ी व डीएफओ धर्मवीर धेरु के निर्देशों एवं अगुवाई में जंगल से पेड़ चोरों की वारदातों को रोकने के लिए सख्त कार्यवाही की जा रही है और इसके लिए गश्त भी तेज कर दी गई है। इसी के चलते 15 दिन के भीतर वन विभाग ने दूसरी बड़ी कार्यवाही करते हुए तीन लकड़ी चोरों को खैर की लकड़ी से भरी गाड़ी के साथ काबू करने में सफलता हासिल की है। इस संबंधी और जानकारी देते हुए वन रेंज अधिकारी जसपाल सिंह ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि खड़कां में कुछ लोग खैर चोरी की ताक में हैं और समय रहते कार्यवाही की जाए तो वह गिरफ्त में आ सकते हैं।

15 दिन के भीतर वन विभाग की दूसरी बड़ी कार्यवाही, पेड़ चोरों पर नकेल कसना ही लक्ष्यः रेंज अधिकारी जसपाल
इस पर उन्होंने मामला उच्चाधिकारियों के ध्यान में लाते हुए बीओ कुलदीप सिंह, वन गार्ड आकाश नरुला, वन गार्ड गुरप्रीत सिंह व अन्य मुलाजिमों पर आधारित एक टीम का गठन करके कार्यवाही करने के निर्देश दिए। जिस पर टीम ने एक गाड़ी को जंगल से आते हुए देखा। जब उन्हें रुकने का इशारा किया गया तो उन्होंने गाड़ी को कर्मियों पर चढ़ाने का प्रयास करते हुए उसे भगाने की कोशिश की, लेकिन टीम सदस्य सतर्कता के चलते बचने में कामयाब रहे और उन्होंने कड़ी मशक्कत करके चोरों की गाड़ी को रोकने में कामयाबी हासिल की और गाड़ी में सवार तीन लोगों को काबू कर लिया। गाड़ी में खैर की लकड़ी भरी हुई थी, जिस पर नंबर लगा दिए गए हैं व इसकी कीमत कम से कम 50-60 हजार के करीब होगी।
रेंज अधिकारी जसपाल सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों की पहचान मनजीत सिंह पुत्र सुखदेव सिंह, राम चंद्र पुत्र खुशी राम दोनों निवासी बसी मुस्तफा, होशियारपुर तथा मनजीत सिंह पुत्र विजय सिंह निवासी भरसाली, जिला ऊना हिमाचल प्रदेश के रुप में हुई है। उन्होंने बताया कि इस संबंधी वह विभागीय कार्यवाही कर रहे हैं तथा पुलिस को भी मामला दर्ज करने संबंधी लिखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जंगलों को नुकसान पहुंचाने एवं पेड़ चोरी करने वालों को हिदायत है कि वह अपनी हरकतों से बाज जाए, अन्यथा उनके खिलाफ इसी तर्ज पर सख्त से सख्त कार्यवाही को अमल में लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि उक्त मामले संबंधी विभागीय कार्यवाही को अमल में लाया जा रहा है और पुलिस को भी कार्यवाही हित लिखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में कुछ लोगों के नाम बताए हैं और इसकी गहनता से जांच की जाएगी।
इस दौरान बात करने पर एक आरोपी मनजीत सिंह निवासी बसी मुस्तफा ने बताया कि यह गाड़ी उनकी है और उन्हें भरसाली निवासी सन्नी ने उनके साथ खैर की लकड़ी को गाड़ी से कहीं पहुंचाने के लिए तीन हजार रुपये तय किए थे और एक हजार रुपये एडवांस दिया था। उसने बताया कि उन्होंने रात को पहले शराब पी और बाद में खैर की लकड़ी को लेने जंगल में चले गए थे। लेकिन वह वापसी में पकड़े गए। उसने बताया कि जहानखेलां के कुछ लोग भी इस काम में जुटे हुए हैं और वह भी खैर की लकड़ी की चोरी करते हैं।












