Monday, October 26, 2026
Home Crime सोशल मीडिया पर बदनामी की साजिश के आरोपी पूर्व मंत्री के पीए...

सोशल मीडिया पर बदनामी की साजिश के आरोपी पूर्व मंत्री के पीए परमार की जमानत खारिज

rajinder-parmar-anti-drug-society

होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच साइबर बदनामी का एक गंभीर और हाई-प्रोफाइल मामला सामने आया है, जिसकी गहराई किसी पटकथा जैसी रोमांचक, पर अंजाम कानूनन बेहद संगीन है। इस मामले में पूर्व मंत्री के पी.ए राजिंदर परमार ने जनप्रतिनिधियों व अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तियों को बदनाम करने की डिजिटल साजिश रची, जिसे साइबर क्राइम पुलिस ने नाकाम कर दिया है।

Advertisements

मुकद्दमा नंबर 11, तिथि 10-10-2025, भारतीय न्याय संहिता की धारा 338, 336(3), 336(4), 340(2), 356(2), 351(2) तथा इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट की धारा 61(2), 66सी एवं 66डी के तहत पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता धीरज शर्मा उर्फ शानू (हरी नगर, होशियारपुर) ने बताया कि “राजा ठाकुर” और “डडवाल विजय” नाम से फर्जी फेसबुक आई.डी बनाकर कई प्रतिष्ठित हस्तियों के खिलाफ आपत्तिजनक, भ्रामक और अशोभनीय पोस्ट डाली जा रही हैं।

तफ्तीश इंस्पेक्टर राजिंदर कुमार, मुख्य अफसर साइबर सेल द्वारा की गई, जिनके नेतृत्व में फेसबुक की मूल संस्था से डिजिटल रिकॉर्ड प्राप्त किया गया। विश्लेषण से खुलासा हुआ कि संबंधित आपत्तिजनक पोस्ट आरोपी के नाम पर जारी जियो लैंडलाइन कनेक्शन के माध्यम से अपलोड की गई थी।

जांच में आरोपी की पहचान रजिंदर सिंह परमार के रूप में हुई, जो पूर्व कैबिनेट मंत्री के निजी सहायक (पी.ए.) हैं। प्रभावशाली पद की आड़ में की गई यह साइबर साजिश पुलिस जांच में प्रमाण सहित बेनकाब हुई।

15-11-2025 को आरोपी को विधिसंगत तरीके से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। जमानत हेतु दायर आवेदन पर 26-11-2025 को सी.जे.एम. अदालत में सुनवाई हुई, जिसमें माननीय न्यायाधीश अजयपाल सिंह की ओर से पर्याप्त डिजिटल साक्ष्यों एवं दलीलों के आधार पर आरोपी रजिंदर परमार की जमानत याचिका खारिज कर दी गई।

जिला पुलिस होशियारपुर ने नागरिकों से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर बिना सत्यापन अनजान प्रोफाइल, भ्रामक पोस्ट या नकली आई.डी से आने वाली जानकारी पर भरोसा न करे। अगर किसी को ऐसा कोई संदिग्ध कंटेंट मिले, तो तुरंत साइबर क्राइम थाना होशियारपुर या पुलिस हेल्पलाइन पर सूचित किया जाए। संदिग्ध कंटेंट को किसी सोशल मीडिया पर आगे भी फारवर्ड न करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here