
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। पूर्व कैबिनेट मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता तीक्ष्ण सूद द्वारा जारी प्रेस नोट में पंजाब की आर्थिक स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा हैं कि आम आदमी पार्टी की सरकार का आर्थिक प्रबंधन इतना लचर साबित हो चुका हैं कि आज पंजाब को देश में सबसे अधिक प्रति व्यक्ति कर्ज वाला राज्य बनने का गौरव प्राप्त हो चुका हैं। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार इस समय पंजाब पर 123274/- रुपए प्रति वयक्ति कर्जा आंका गया हैं जो की देश में सबसे अधिक हैं। विधान सभा चुनावों से पहले आम आदमी पार्टी के सुप्रीमों अरविन्द केजरीवाल तथा मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपनी सरकार बनने पर पंजाब की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना कर कर्जे से बहार निकालने की ग्रांटी दी थी। केजरीवाल ने अपने आप को आई आर एस अधिकारी होने के नाते आर्थिक मोर्चों का विशेषज्ञ बताते हुए कहा था कि वह 35000 करोड़ रुपए भ्रष्टाचार खत्म करके तथा 20000 करोड़ रुपए अवैध माईनिंग पर अंकुश लगाकर अर्जित कर लेंगे।

उस समय पंजाब का कुल 2 लाख 75 हजार करोड़ रुपए का कर्जा था परन्तु आम आदमी पार्टी की गलत नीतियों के बाद यह कर्जा बढ़ कर 4 लाख करोड़ के करीब हो चुका हैं। अधिक कर्जा चढ़ने का मुख्यमंत्री कारण फजूल इश्तिहारबाजी तथा हवाई जहाजों पर फजूल खर्ची भी हैं। स्थिति इस हद तक बिगड़ चुकी हैं कि पंजाब की कुल जीडी पी पर इस समय 40.35 % कर्जा चल रहा हैं। हाल ही में श्री अनन्दपुर साहिब में अस्थाई विधान सभा कायम करके दिल्ली के ठेकेदारों को सैंकड़ो करोड़ रुपए पंजाब सरकार ने लुटा दिए। इस समय पंजाब सरकार की आर्थिक हालत इतनी खस्ता हो चुकी हैं कि कर्मचारियों को वेतन तथा पेंशन देने के भी लाले पड़े हैं। बुरी आर्थिक हालत के चलते पंजाब में विकास की सभी कार्य ठप पड़े हैं। जो छिटपुट काम हो रहे वह भी केंद्र से आई हुई ग्रांटों से चल रहे हैं। श्री सूद ने कहा कि अगर पंजाब सरकार ने पंजाब की आर्थिक स्थिति की और ध्यान नहीं दिया तो आर्थिक आपातकाल की स्थिति बन सकती हैं।क बिगड़ चुकी हैं कि पंजाब की कुल जीडी पी पर इस समय 40.35 % कर्जा चल रहा हैं। हाल ही में श्री अनन्दपुर साहिब में अस्थाई विधान सभा कायम करके दिल्ली के ठेकेदारों सैंकड़ो करोड़ रुपए पंजाब सरकार ने लौटा दिए।
इस समय पंजाब सरकार की आर्थिक हालत इतनी खस्ता हो चुकी हैं कि कर्मचारियों को वेतन तथा पेंशन देने के भी लाले पड़े हैं। बुरी आर्थिक हालत के चलते पंजाब में विकास की सभी कार्य ठप पड़े हैं। जो छिटपुट काम हो रहे वह भी केंद्र से आई हुई ग्रांटों से चल रहे हैं। श्री सूद ने कहा कि अगर पंजाब सरकार पंजाब की आर्थिक स्थिति की और ध्यान नहीं दिया तो आर्थिक आपातकाल की स्थिति बन सकती हैं।











