
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट-नीरज धीमान। पंजाब के सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। स्कूलों में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक और डॉग-बाइट (कुत्तों के काटने) की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पंजाब स्टेट मिड डे मील सोसाइटी ने राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को सख्त हिदायत जारी की है। यह आदेश माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में जारी किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख
पत्र के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने SUO MOTO रिट याचिका (C) No. 5 of 2025 के तहत एक मामले की सुनवाई करते हुए देश भर के शिक्षण संस्थानों को सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि आवारा कुत्तों के कारण मासूम बच्चों की जान को खतरा बना रहता है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इसी के मद्देनजर भारत सरकार ने भी 23 दिसंबर 2025 को एक ई-मेल के जरिए राज्यों को इस संबंध में पुख्ता इंतजाम करने को कहा था।
स्कूल परिसरों में प्रवेश होगा वर्जित
शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के तहत अब स्कूल परिसरों में आवारा कुत्तों के प्रवेश को रोकने के लिए पुख्ता प्रबंध करने होंगे। स्कूलों के मुख्य द्वारों को बंद रखने और चारदीवारी की मरम्मत करने को कहा गया है ताकि कोई भी जानवर अंदर न घुस सके। मिड-डे मील के दौरान गिरने वाले खाने की सफाई पर भी विशेष ध्यान देने का आदेश दिया गया है, क्योंकि अक्सर खाने के लालच में ही कुत्ते स्कूल परिसर का रुख करते हैं।
अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी
पंजाब के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (S.E. और E.E.) को निर्देशित किया गया है कि वे इन नियमों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें। मोगा जिला शिक्षा अधिकारी ने इस पत्र को आगे बढ़ाते हुए सभी ब्लॉक प्राइमरी शिक्षा अधिकारियों (BPEO) को तुरंत प्रभाव से इन निर्देशों को लागू करने के आदेश दिए हैं। लापरवाही बरतने वाले स्कूलों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।











