
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज), नीरज धीमान। पंजाब शिक्षा विभाग ने व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (NSQF) के तहत जिले के सरकारी स्कूलों में 12वीं कक्षा में पढ़ रहे छात्रों के लिए ‘अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम’ की रूपरेखा तैयार कर ली गई है । इस योजना के क्रियान्वयन के लिए होशियारपुर जिले को विशेष बजट भी आवंटित कर दिया गया है।

होशियारपुर जिले के लिए 11.40 लाख की ग्रांट जारी
राज्य शिक्षा विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, होशियारपुर जिले के कुल 380 छात्रों का चयन इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए किया गया है । इन छात्रों के प्रशिक्षण और वजीफे के लिए विभाग ने 11.40 लाख रुपये की कुल राशि जिले को आवंटित की है । यह राशि पीएफएमएस (PFMS) पोर्टल के माध्यम से ‘चाइल्ड लिमिट’ के रूप में आवंटित की गई है, ताकि कार्यक्रम का संचालन सुचारू रूप से हो सके ।
छात्रों को आर्थिक सहायता: विभाग और संस्थान का साझा सहयोग, इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता छात्रों को मिलने वाली वित्तीय सहायता है:
- विभाग द्वारा प्रति छात्र 1,500 रुपये प्रति माह की ग्रांट भेजी गई है, जो दो महीने के लिए कुल 3,000 रुपये होती है ।
- जिस दुकान या संस्थान में छात्र अप्रेंटिसशिप करेगा, उसे भी छात्र को 1,500 रुपये प्रति माह ‘मैचिंग कंट्रीब्यूशन’ के तौर पर देना अनिवार्य होगा। इस प्रकार, छात्र को प्रशिक्षण के दौरान हर महीने कुल 3,000 रुपये का स्टाइपेंड प्राप्त होगा।
- स्थानीय उद्योगों में मिलेगा रोजगार का अवसर
- विभाग का मुख्य उद्देश्य यह है कि छात्र अपनी 12वीं की पढ़ाई के बाद स्थानीय स्तर पर तकनीकी कौशल हासिल करें । वोकेशनल ट्रेनर्स को निर्देश दिए गए हैं कि वे उन्हीं दुकानों या संस्थानों का चयन करें जहाँ अप्रेंटिसशिप के लिए जगह हो और जो छात्र को भविष्य में काम पर रखने (Absorb) के इच्छुक हों।
महत्वपूर्ण निर्देश और समय सीमा- प्रशिक्षण का समय: 12वीं की वार्षिक परीक्षाएं समाप्त होने के बाद यह ट्रेनिंग अप्रैल, मई और जून के महीनों में आयोजित की जाएगी।
- चयन प्रक्रिया: छात्रों का चयन उनकी रुचि और कार्यक्षमता (Aptitude) के आधार पर किया जाएगा ।
- सहमति पत्र: इस कार्य के लिए चुने गए छात्रों से ‘कंसेंट फॉर्म’ (Consent Form) भरवाना सुनिश्चित किया जाएगा ।
- प्रमाणन: राशि खर्च करने के बाद विभाग को उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) भेजना अनिवार्य होगा ।
होशियारपुर के युवाओं के लिए यह अपनी पढ़ाई के तुरंत बाद व्यावसायिक अनुभव प्राप्त करने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का एक बेहतरीन अवसर है।












