
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज) नीरज धीमान: पंजाब के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। ‘मिशन समर्थ 4.0’ के तहत अब राज्य के अपर-प्राइमरी (कक्षा 6वीं से 8वीं) शिक्षकों के लिए दो दिवसीय ब्लॉक स्तरीय ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया जा रहा है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, यह प्रशिक्षण सत्र 20 जनवरी 2026 से शुरू होकर 7 फरवरी 2026 तक अलग-अलग बैचों में चलेगा ।

इन शिक्षकों के लिए ट्रेनिंग अनिवार्य
इस विशेष ट्रेनिंग में राज्य के सभी मिडिल, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के वे शिक्षक शामिल होंगे जो सत्र 2026-27 में कक्षा 6वीं से 8वीं के विद्यार्थियों को पंजाबी, अंग्रेजी और गणित विषय पढ़ाएंगे । विभाग ने स्पष्ट किया है कि मिशन समर्थ को सुचारू रूप से लागू करने के लिए इन तीनों मुख्य विषयों के शिक्षकों का प्रशिक्षित होना अनिवार्य है ।
ट्रेनिंग का शिड्यूल और नियम
शिक्षकों की सुविधा और स्कूलों में पढ़ाई के नुकसान को बचाने के लिए विभाग ने विशेष गाइडलाइंस जारी की हैं:
- बैच की सीमा: प्रत्येक बैच में 45 से अधिक शिक्षक नहीं होंगे ।
- स्टाफ की उपस्थिति: एक समय पर किसी भी स्कूल से 50% से अधिक शिक्षकों को ट्रेनिंग पर नहीं बुलाया जाएगा ।
- समय: ट्रेनिंग सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:20 बजे तक चलेगी ।
- सिंगल टीचर स्कूल: जिन स्कूलों में केवल एक शिक्षक है, वहां क्लस्टर इंचार्ज और डीईओ वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे ।
- विशेषज्ञों की देखरेख में होगी वर्कशॉप
- इस ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए उन रिसोर्स पर्सन्स को जिम्मेदारी दी गई है जिन्होंने पहले राज्य स्तर पर प्रशिक्षण प्राप्त किया है । पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए ‘ऑब्जर्वर’ भी नियुक्त किए गए हैं, जो अपनी फीडबैक रिपोर्ट सीधे हेड ऑफिस को भेजेंगे।
मिलेगा बजट और सुविधाएं
ट्रेनिंग वेन्यू पर शिक्षकों के लिए चाय, पानी, स्टेशनरी और एक्टिविटी मटेरियल का पूरा प्रबंध रहेगा । विभाग द्वारा इसके लिए प्रति व्यक्ति 150 रुपये का बजट भी निर्धारित किया गया है । एससीईआरटी निदेशक किरण शर्मा (PCS) ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस ट्रेनिंग के रिकॉर्ड को पूरी तरह व्यवस्थित रखा जाए।












