
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। यूजीसी द्वारा 13 जनवरी को अधिसूचित किए गए प्रमोशन आफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशसं 2026 को तुरंत रद्द करके संविधान में दिए गए समानता के अधिकार को लागू किया जाना चाहिए तथा जाति एवं धर्म के आधार पर देश में हो रहे भेदभाव को रोकने पर काम किया जाना चाहिए न कि भेदभाव को बढ़ावा देने वाली नीतियों पर काम किया जाना चाहिए। अगर इस प्रावधान को रद्द न किया गया तो देश के भीतरी हालात खराब होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता तथा इसकी सारी जिम्मेदारी केन्द्र सरकार की होगी। यह बात क्षत्रिय करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष लक्की ठाकुर ने इस प्रावधान के विरोध में राजपूत समाज की बैठक को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि सरकार एक बात याद रखे कि अगर स्वर्ण सरकार बना सकते हैं तो उसे हटाने में भी उसे देर नहीं लगेगी। लक्की ठाकुर ने कहा कि लोकसभा चुनाव में भाजपा 400 पार का सपना देख रही थी तथा उसके एक नेता द्वारा राजपूतों पर की गई अभद्र टिप्पणी के कारण 200 का आंकड़ा भी भाजपा के लिए पार करना मुश्किल हो गया था।

अगर स्वर्ण समाज के खिलाफ इसी प्रकार षड्यंत्र चलते रहे तो भाजपा ही नहीं कोई भी राजनीतिक पार्टी सत्ता में आने का सपना लेना छोड़ दे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर देश में इस प्रकार के कानून लागू किए गए तो आना वाला समय पूरी तरह से भयावाह होगा और इसके लिए भाजपा जिम्मेदार होगी। उन्होंने कहा कि आज स्वर्ण समाज से जुड़े बच्चे एवं कर्मचारी पहले ही भेदभाव के शिकार हो रहे हैं तथा अधिक नंबर लाने एवं सीनियोरिटी होने के बाद भी उन्हें आगे बढ़ने से रोका जा रहा है तो वहीं अब इस प्रकार के कानून आने से उनका तो मनोबल ही टूट जाएगा। जिसका देश की तरक्की एवं विकास पर विपरीत प्रभाव पड़ना मुमकिन है। युवा नेता मोंटी ठाकुर ने भारत सरकार से अपील की कि देश में समरसता एवं समानता लाने का प्रयास किया जाए न कि चंद वोटों एवं सत्ता की खातिर देश को खतरे में डालने की कोशिश की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यूजीसी एवं सरकार ने यह प्रावधान रद्द न किया तो पूरे देश में संघर्ष का बिगुल बजाया जाएगा और जहां पर संघर्ष शुरु हो चुका है उनके कंधे से कंधा मिलाकर उसे और तेज किया जाएगा। इस मौके पर पूर्व सरपंच नरवीर सिंह नंदी, जुगल किशोर, ठाकुर मीर सिंह, ठाकुर सुदर्शन बिट्टू, सन्नी ठाकुर चौहाल, कुलविंदर बब्बू, विकास ठाकुर, विनय ठाकुर, विवेक ठाकुर, लक्की ठाकुर, सुनील ठाकुर, ठाकुर आशीष, वरुण पंडित, संदीप चड्डा, सागर शर्मा, सन्नी पटियाल, दीपक ठाकुर, दविंदर डडवाल के अलावा राजपूत सभा के प्रधान सरजीवन ठाकुर, सुभाष डडवाल इत्यादि मौजूद थे।











