Saturday, October 31, 2026
Home Hoshiarpur ​नशे के विरुद्ध युद्ध के तहत कार्यरत कर्मचारियों के लिए सरकार का...

​नशे के विरुद्ध युद्ध के तहत कार्यरत कर्मचारियों के लिए सरकार का ‘तुगलकी फरमान’, कर्मचारियों में रोष

होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। पंजाब राज्य के जिला नशा मुक्ति केंद्र और पुनर्वास सोसाइटी के तहत अनुबंध (Contract) पर तैनात कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा पिछले दिनों एक आदेश जारी किया गया है। इस आदेश के अनुसार, पंजाब स्टेट डेवलपमेंट टैक्स 2018 के तहत आने वाले अनुबंध कर्मचारियों के वेतन से पिछले समय का 200 रुपये प्रति माह काटकर ई-चालान के माध्यम से खजाने में जमा कराने का निर्देश दिया गया है। ​सरकार के इस फैसले से अनुबंध कर्मचारियों में भारी रोष की लहर है। नशा मुक्ति कर्मचारी यूनियन होशियारपुर के जिला अध्यक्ष अमरीक सिंह ने इसकी कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि: ​

Advertisements

विभाग की विफलता: इसमें कर्मचारियों का कोई दोष नहीं है; यह विभाग की नाकामी है कि उन्होंने पहले यह टैक्स क्यों नहीं काटा।

​कम वेतन: कर्मचारी इतनी अधिक सैलरी नहीं ले रहे हैं कि उन पर टैक्स का बोझ डाला जाए। एक साल में 2400 रुपये की कटौती करना सरासर धक्का (अन्याय) है।

​अग्रिम पंक्ति के योद्धा: ‘नशों के विरुद्ध युद्ध’ के तहत ये कर्मचारी नशा मुक्ति केंद्रों और ओओएटी (OOAT) क्लीनिकों में दिन-रात प्रथम श्रेणी के सिपाहियों की तरह सेवाएं दे रहे हैं। वे नशामुक्त पंजाब बनाने में अपना पूर्ण योगदान दे रहे हैं और सरकार ने उन्हें यह ‘इनाम’ दिया है।

​मुख्य चिंताएँ:
​”वर्तमान समय में भी 200 रुपये प्रति माह कटवाना कर्मचारियों के लिए कठिन है, और सरकार पिछले वर्षों का हिसाब वसूलने की तैयारी में है। कृपया रेट्रोस्पेक्टिव रिकवरी (पिछली तारीख से वसूली) को बंद किया जाए, क्योंकि इससे प्रत्येक कर्मचारी को 18,000 से 20,000 रुपये का भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।”

​यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार कर्मचारियों की मांगों को स्वीकार नहीं करती है, तो आने वाले समय में उन्हें मजबूरन संघर्ष का रास्ता चुनना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार और स्वास्थ्य विभाग की होगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here