
मध्यप्रदेश (द स्टैलर न्यूज़)। मध्यप्रदेश के नीमच जिले के गांव रानपुर में मधुमक्खियों के अचानक हुए हमले के दौरान आंगनबाड़ी सहायिका कंचन बाई ने अपनी जान की परवाह किए बिना करीब 25 बच्चों की जान बचाई। जानकारी देते हुए ग्रामीणों ने बताया कि क़रीब साढ़े तीन बजे का समय था, जब आंगनबाड़ी के आसपास मौजूद बच्चों पर मधुमक्खियों का झुंड टूट पड़ा। उस वक़्त परिसर में क़रीब 20 से 25 बच्चे थे। स्कूल की एक शिक्षिका गुणसागर जैन बताती हैं, “मधुमक्खियां सीधे बच्चों की ओर बढ़ रही थीं और पूरी तरह से अफ़रा तफ़री का माहौल हो गया था।” उसी समय वहाँ मौजूद 55 साल की आंगनबाड़ी सहायिका कंचन बाई ने हालात को भांपा और बच्चों को बचाने दौड़ पड़ीं।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कंचन बाई ने बिना समय गंवाए बच्चों को भीतर की ओर ले जाना शुरू किया। उन्होंने पहले आंगनबाड़ी में रखी दरियां और कंबल निकालकर बच्चों को ढका और फिर अपनी साड़ी से बच्चों को बचाने का प्रयास किया। उनके इस साहसी क़दम ने लगभग 25 बच्चों की जान बचा ली, जिसमें उनका अपना पोता भी शामिल था लेकिन वह ख़ुद मधुमक्खियों के हमले में बुरी तरह घायल हो गई थीं। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। नीमच के पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल ने मीडिया से कहा, “यह सोमवार दोपहर की घटना है, जब जावद थाना अंतर्गत रानपुर गांव की आंगनबाड़ी में मधुमक्खियों ने हमला कर दिया था। इसी दौरान वहां काम करने वाली कंचन बाई ने बच्चों को बचाने का प्रयास किया। कंचन बाई को मधुमक्खियों ने घायल कर दिया था, जिसके चलते उनकी मृत्यु हो गई”।












