Sunday, October 18, 2026
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गहरे लोकतांत्रिक आदर्शों पर आधारित भारतीय संविधान की उम्र का विश्व में कोई दूसरा सानी नहींः डॉ. नरेंद्र

मुंबई (द स्टैलर न्यूज़)। दाण्डी स्मृति दिवस के अवसर पर 12 मार्च 2026 के दिन मुकेश पटेल सभागृह, मुंबई नगरी में देश के विविध राज्यों से पधारे 28 प्रादेशिक विजेता युवाओं के साथ ही शहर और आसपास के परिसर के आमंत्रित लगभग 400 युवाओं की उपस्थिति में SVKM के साथ युवक बिरादरी द्वारा अपने वार्षिक अभियान अंतर्गत “युवा भूषण : युवा सांसद स्पर्धा (अंतिम चरण) विजेता सम्मान एवं गौरव पुरस्कार समारोह” का सफल आयोजन किया गया। उक्त अवसर पर विशेष रूप से आमंत्रित पूर्व सांसद डॉ. नरेंद्र जाधव – कुमार केतकर और डॉ. राम चड्ढा ने क्रमशः भारतीय संवैधानिक मूल्यों, तत्कालीन वैश्विक हालात तथा व्यक्तित्व उन्नयन के विषय में मार्गदर्शन दिया । जहां तीनों ही मान्यवरों द्वारा अनिश्चितता के बढ़ते हुए दायरों के बीच लोकतांत्रिक संवैधानिक मूल्यों को सहजते हुए व्यक्तिगत जिम्मेदारियों को स्वयं निभाने की वकालत की गई ..! As Dr. Ram Chaddha rightly coated William Johnson’s words…. ” If It Is To Be.. It Is Up To Me”..!

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इस अवसर पर रजनीकांतभाई श्रॉफ, डॉ. लिली भूषण, डॉ. घनश्याम ढोकरट और डॉ. किरण सावे को शिक्षा क्षेत्र में उनकी प्रदीर्घ सेवा हेतु गौरवान्वित किया गया। इससे पूर्व पर्यवेक्षक एवं निर्णायक मंडल के रूप में उपस्थित विलियम जे.एस. वांग (उप निदेशक, ताइपे आर्थिक एवं सांस्कृतिक केंद्र- मुंबई ), न्या. साधना जाधव (पूर्व न्यायाधीश – मुंबई हाईकोर्ट), प्रो. राजन वेळूळकर (पूर्व कुलपति – मुंबई विश्वविद्यालय), श्री अविनाश सानस (पूर्व उप आयुक्त: निर्वाचन आयोग – भारत), डॉ. मृदुल निळे, प्रा.समीना हसन जावेद , डॉ. हूबनाथ पांडेय, तथा श्री राजेश्वर आंधळे जैसे मान्यवरों के परीक्षण अंतर्गत राष्ट्रीय युवा सांसद / “मॉक पार्लियामेंट स्पर्धा” के अंतिम चरण में शामिल 28 युवक – युवतियों ने ‘कर्तव्य विधेयक’ तथा ‘केंद्र – राज्य: सत्ता संतुलन’ जैसे विधेयकों पर अपने ओजस्वी तथा प्रामाणिक संभाषणों से समां बांध दिया। इन युवा प्रतिभाओं की संवैधानिक, संसदीय और सामाजिक पकड़, उसकी अभिव्यक्ति तथा नेतृत्व क्षमताओं ने सबका ध्यान आकर्षित किया और वाह – वाही लूटी। दिव्या मेनन (होशियारपुर – पंजाब), सर्वेश नायक (टिटवाळा- महाराष्ट्र) व मधु सिंह (दहीसर – मुंबई) को क्रमशः प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय “युवा भूषण” पुरस्कारों से नवाज़ा गया। जिसके पश्चात् बिरादरी निर्मित ‘डिस्कवरी ऑफ़ इंडिया’ आधारित नाट्य कलाकृति “पुण्यतीर्थ : एक कालकथा” की मनमोहक प्रस्तुति भी की गई।

संस्थापक व संरक्षक पद्मश्री क्रांति शाह जी के नेतृत्व तथा एग्जीक्युटिव डायरेक्टर सुनील वालावलकर, मैनेजिंग ट्रस्टी स्वर क्रांति तथा सौ. रेखा शाह के मार्गदर्शन में नागेंद्र राय, संदेश जाधव, अतुल सुंदरकर, प्रशांत वाघाये, निलेश सोनटक्के, निहार देवरूखकर, सचिन वाकुळकर, रवि गावित, वेदांत वैशाली जयंत और चेतन राठौड़ के महत्वपूर्ण से इस आयोजन को सफल बनाया गया।

कार्यक्रम में भाग लेकर लौटी होशियारपुर की बेटी दिव्य मेनन ने कार्यक्रम संबंधी जानकारी सांझा की।

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