
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़), संदीप डोगरा। होशियारपुर में इन दिनों लैंड माफिया काफी सरगरमी के साथ अपने मनसूबों को अंजाम देने में लगा हुआ है। पूर्व मंत्री, कुछेक क्लोनाइज़रों की कथित मिलीभगत से खेले जा रहे इस खेल में कुछेक बड़े व्यावसायीयों एवं पूंजीपतियों की सक्रिय भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता। जिसके चलते जहां सरकार के राजस्व को चूना लगाया जा रहा है वहीं इनके चंगुल में फंसे भोले-भाले लोगों को भी कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर की टॉप प्रापर्टीज़ पर इनकी पैनी नज़र रहती है तथा इनके द्वारा साम दाम दंड भेद सबकुछ लगाकर उसे हथियाने का कोई मौका हाथ से जाने नहीं दिया जा रहा।

एक तरफ जहां करीब 10 साल पहले होशियारपुर में हुए लैंड स्कैम की तपिश अभी तक ठंडी नहीं पड़ी वहीं क्लोनियों के नाम पर एक के बाद एक लैंड स्कैम ने सरकार के दावों की हवा निकाल कर रख दी है। सूत्रों की मानें तो क्लोनियों के इस मकड़जाल को बुनने में जहां एक पूर्व मंत्री का पूरा-पूरा हाथ रहा है वहीं उसके आसपास की मक्खियों ने भी खूब माल बटौरकर सरकार को चूना लगाकर अपनी तिजौरियां भरीं। मौजूदा समय में भी होशियारपुर व आसपास के इलाकों में गैरकानूनी कालोनियों का धंधा जोरों पर है, जिसमें एक पूर्व मंत्री, मौजूदा मंत्री तथा सत्तापक्ष से जुड़े कुछेक धनाड्यों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। क्योंकि, सरकार है तो साकार है का नारा सभी जानते ही हैं। एक तरफ जहां चंद क्लोनाइज़रों द्वारा सरकार की औपचारिकताएं पूरी करके कालोनियां काटी जा रही हैं तो दूसरी तरफ अधिकतर द्वारा कथित मिलीभगत और असर रसूख के चलते व अधिकारियों पर दवाब बनाकर खरीद-ओ-फरोख्त का काम निर्विघ्न जारी है।
कैसे खेला जाता है यह सारा खेल, इस सारे मामले से जल्द ही पर्दा उठाया जाएगा तथा प्लाट या दुकान के लिए जगह खरीदने वाले तमाम लोगों को जागरुक किया जाएगा कि अगर वह कोई इनवैस्टमैंट करने जा रहे हैं तो उन्हें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। इसके साथ ही आपको बताया जाएगा कि किस प्रकार मिलीभगत के इस खेल में पिछले समय में काटी गई कालोनियों के सफेदपोश क्लोनाइज़रों द्वारा नगर निगम में जमा करवाई जाने वाली बनती अदायगी (यानि कि सीवरेज व वाटर सप्लाई व सड़कें आदि की सुविधाएं लेने के लिए बनती फीस) जमा नहीं करवाई गई। जिसके चलते वहां के लोग कई प्रकार की सुविधाओं से वंचित हैं। बताया जाएगा कि कौन सी कालोनी कानूनी है और कौन सी गैरकानूनी।











