
ताइवान (द स्टैलर न्यूज़)। अक्सर लोग सोचते हैं कि 50 या 60 की उम्र के बाद शरीर कमजोर होना तय है, एक्सरसाइज करना मुश्किल हो जाता है और जिंदगी बस आराम से बिताने के लिए रह जाती है. लेकिन ताइवान की 72 साल की लिन सुई-त्जु ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया है. पांच पोते-पोतियों की दादी लिन आज अपनी फिटनेस और बॉडीबिल्डर की वजह से दुनियाभर में चर्चा में हैं। उनकी टोन्ड बॉडी, मजबूत मसल्स और स्टेज पर आत्मविश्वास से भरी मौजूदगी देखकर लोग हैरान रह गए. खास बात यह है कि उन्होंने यह सफर युवावस्था से नहीं, बल्कि 69 साल की उम्र में शुरू किया. जहां कई लोग इस उम्र में एक्सरसाइज से दूरी बना लेते हैं।

वहीं लिन ने जिम में कदम रखा और खुद को इस तरह बदल दिया कि आज सोशल मीडिया पर लोग उन्हें प्रेरणा का जीता-जागता उदाहरण बता रहे हैं। उनकी कहानी सिर्फ फिटनेस की नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन और खुद को दोबारा पहचानने की कहानी है।
लिन सुई-त्जु ताइवान की रहने वाली हैं और पांच पोते-पोतियों की दादी हैं। वह ताइवान की सबसे उम्रदराज सक्रिय महिला बॉडीबिल्डर्स में गिनी जाती हैं। हाल ही में उन्होंने 2025 प्रेसिडेंट्स कप बॉडीबिल्डिंग एंड फिटनेस चैंपियनशिप में 70 साल से ऊपर की कैटेगरी में पहला स्थान हासिल किया। उनकी जीत ने यह साबित कर दिया कि फिटनेस के लिए कोई तय उम्र नहीं होती.
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि लिन ने बॉडीबिल्डिंग का सफर बहुत देर से शुरू किया। वह पहले डायबिटीज एजुकेटर के तौर पर काम करती थीं और मरीजों को हेल्थ और एक्सरसाइज के फायदे समझाती थीं। लेकिन जब उन्होंने देखा कि कई बुजुर्ग लोग एक्सरसाइज को मुश्किल मानते हैं, तो उन्होंने खुद इसे अपनाने का फैसला किया। उन्होंने 69 साल की उम्र में वेट ट्रेनिंग शुरू की। शुरुआत में उन्हें लगा था कि वजन उठाना सिर्फ बहुत बड़े मसल्स बनाने के लिए होता है, लेकिन धीरे-धीरे उन्हें समझ आया कि यह शरीर को मजबूत, हड्डियों को बेहतर और आत्मविश्वास को ऊंचा करने का तरीका भी है।
लिन का फिटनेस रूटीन बेहद अनुशासित है। रिपोर्ट्स के मुताबिक वह हफ्ते में 6 दिन ट्रेनिंग करती हैं। उनका फोकस सिर्फ दिखने पर नहीं बल्कि ताकत, मसल्स की मजबूती और हेल्दी एजिंग पर है। उनकी बॉडी देखकर साफ पता चलता है कि यह सिर्फ कुछ दिनों की मेहनत नहीं बल्कि लगातार अनुशासन का नतीजा है। स्टेज पर उनका आत्मविश्वास और फिटनेस किसी प्रोफेशनल एथलीट से कम नहीं दिखती।
एक वीडियो में लिन को बॉडीबिल्डिंग स्टेज पर पर्पल बिकिनी में कॉन्फिडेंस के साथ पोज देते देखा गया। उन्होंने अपने हाथों, पीठ और कोर की ताकत को शानदार तरीके से दिखाया। सबसे खास बात उनका आत्मविश्वास भरा मुस्कुराता चेहरा था। लिन ने कहा कि जब वह युवा थीं, तब समाज ज्यादा पारंपरिक था और बिकिनी पहनना आसान नहीं माना जाता था. लेकिन अब 72 की उम्र में वह स्टेज पर खड़ी होकर अपनी ताकत और अपनी खूबसूरती दोनों दिखा रही हैं.
लिन का कहना है कि जब शरीर में मसल्स आते हैं तो सिर्फ ताकत नहीं आती, बल्कि आत्मविश्वास भी आता है. उन्हें लगता है कि असली खूबसूरती भीतर के भरोसे और सम्मान से आती है। उनकी कहानी इस बात का उदाहरण है कि फिटनेस सिर्फ वजन घटाने या शरीर दिखाने का जरिया नहीं, बल्कि खुद को बेहतर महसूस करने का रास्ता भी है।
लिन सिर्फ जिम तक सीमित नहीं हैं। वह पेंटिंग करती हैं, योग करती हैं और बॉलरूम डांस भी करती हैं। यानी उन्होंने एक्टिव लाइफस्टाइल को अपनी जिंदगी का हिस्सा बना लिया है। उनका सपना है कि बढ़ती उम्र में भी वह लोगों को पेंटिंग, डांस और वेट ट्रेनिंग सिखा सकें. यह सोच ही बताती है कि उम्र बढ़ने का मतलब रुक जाना नहीं होता.












