Sunday, October 11, 2026
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पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड का बड़ा फैसला: अब प्री-बोर्ड और क्लास टेस्ट के अंक तय करेंगे बोर्ड परीक्षा का परिणाम

होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट- नीरज धीमान। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण सर्कुलर जारी किया है। बोर्ड द्वारा लिए गए इस फैसले के तहत अब आठवीं, दसवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों द्वारा साल भर दिए जाने वाले क्लास टेस्ट, टर्म परीक्षा और प्री-बोर्ड परीक्षाओं के अंकों को मुख्य बोर्ड परीक्षा के परिणाम में विशेष महत्व दिया जाएगा।

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क्या है नया परीक्षा शेड्यूल?

बोर्ड के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, सभी सरकारी, अर्ध-सरकारी, एडेड और मान्यता प्राप्त स्कूलों को पूरे शैक्षणिक सत्र के दौरान निम्नलिखित परीक्षाएं आयोजित करनी होंगी:

· बाइमंथली (द्विमासिक) क्लास टेस्ट: पूरे सत्र में कम से कम दो टेस्ट (ऑनलाइन या ऑफलाइन) आयोजित किए जाएंगे। पहला टेस्ट 15 जुलाई तक और दूसरा टेस्ट नवंबर के आखिरी हफ्ते से दिसंबर के पहले हफ्ते के बीच होगा।

· टर्म परीक्षा: सितंबर महीने के दौरान एक मुख्य टर्म परीक्षा आयोजित की जाएगी।

· प्री-बोर्ड परीक्षा: स्कूलों को अपनी सुविधा के अनुसार 31 जनवरी, 2027 तक प्री-बोर्ड परीक्षाएं संपन्न करानी होंगी।

परिणाम और मूल्यांकन के कड़े नियम

सभी स्कूलों को प्री-बोर्ड और टर्म परीक्षाओं के विषयवार अंकों को 25 फरवरी तक पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, यह स्पष्ट किया गया है कि ये परीक्षाएं बोर्ड द्वारा जारी किए गए मॉडल प्रश्न-पत्रों और निर्धारित अंकों के प्रारूप के आधार पर ही ली जाएंगी। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए, स्कूलों को इन सभी परीक्षाओं के रिकॉर्ड को परिणाम घोषित होने के बाद 3 साल तक सुरक्षित रखना होगा, जिसकी बोर्ड कभी भी जांच कर सकता है।

ओपन स्कूल के छात्रों के लिए भी नियम लागू

ओपन स्कूल प्रणाली के तहत आने वाले छात्रों के लिए पर्सनल कॉन्टैक्ट प्रोग्राम (PCP) के दौरान मूल्यांकन टेस्ट और प्री-बोर्ड परीक्षा देना अनिवार्य किया गया है। उनके अंकों को इंटरनल असेसमेंट (INA) के नियमों के अनुसार आनुपातिक रूप से जोड़ा जाएगा।

इस नए बदलाव का मुख्य उद्देश्य यह है कि आठवीं कक्षा के लिए सीसीई (CCE) और दसवीं-बारहवीं के लिए आईएनए (INA) के अंकों के तहत इन आंतरिक परीक्षाओं के नंबरों को शामिल किया जा सके। बोर्ड के इस कदम से छात्रों को अब साल भर अपनी पढ़ाई के प्रति गंभीर रहना होगा।

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