
चंडीगढ़ (द स्टैलर न्यूज़)। पंजाब में सरकारी बस सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं, क्योंकि पंजाब रोडवेज और पनबस के संविदा कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार किलोमीटर स्कीम के तहत निजी बसों को शामिल कर सरकारी परिवहन व्यवस्था के निजीकरण की दिशा में कदम बढ़ा रही है। यह हड़ताल पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन (पंजाब) के बैनर तले की जा रही है। यूनियन नेताओं के अनुसार पहले यह आंदोलन 22 से 24 जून तक प्रस्तावित था, लेकिन मंगलवार को वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा चंडीगढ़ से दिल्ली एयरपोर्ट रूट के लिए किलोमीटर स्कीम के तहत पांच वोल्वो बसों को हरी झंडी दिखाने के बाद हड़ताल को तत्काल प्रभाव से शुरू करने का फैसला लिया गया। जालंधर डिपो-1 के यूनियन प्रमुख बिक्रम सिंह ने कहा कि सरकार को पहले भी स्पष्ट रूप से बताया गया था कि कर्मचारी निजी बसों को किलोमीटर स्कीम के तहत चलाने का विरोध करते हैं। इसके बावजूद सरकार ने कर्मचारियों की चिंताओं को नजरअंदाज करते हुए नई बस सेवाएं शुरू कर दीं।

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सरकार को निजी ऑपरेटरों को बढ़ावा देने के बजाय पनबस और पीआरटीसी के बेड़े में सरकारी बसों की संख्या बढ़ानी चाहिए और खाली पदों को भरना चाहिए। यूनियन के उपाध्यक्ष हरकेश कुमार विक्की ने बताया कि पीआरटीसी प्रबंधन ने बुधवार सुबह वार्ता के लिए यूनियन प्रतिनिधियों को बुलाया है। उन्होंने कहा कि दोपहर 12 बजे से पीआरटीसी के चालक और परिचालक भी हड़ताल में शामिल हो सकते हैं, जिससे बस सेवाओं पर और अधिक असर पड़ सकता है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ऐसे में राज्यभर में यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को आने वाले दिनों में भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।












