
दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़)। आरएसएस से जुड़े एक संगठन की बैकस्टेज मुहिम के बाद, कई राज्यों की बड़ी यूनिवर्सिटीज ने अपनी डिग्रियों और मार्कशीट्स से ‘India’ शब्द को पूरी तरह से हटाने का फैसला कर लिया है। अब छात्रों को मिलने वाले दस्तावेजों पर केवल और केवल ‘भारत’ लिखा नजर आएगा। इस बड़े बदलाव की सीधी गवाह बनने जा रही हैं देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू। जबलपुर की रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में इस रविवार को जो डिग्रियां बांटी जा रही हैं, उनमें ‘India’ को ‘Bharat’ से रिप्लेस कर दिया गया है। यूनिवर्सिटी के वीसी राजेश कुमार वर्मा ने साफ किया कि जब जी-20 समिट में भारत शब्द का इस्तेमाल हो सकता है, तो हमारी डिग्रियों में क्यों नहीं?

उनके मुताबिक, कार्यकारिणी परिषद ने बकायदा प्रस्ताव पास करके इसे हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं के दस्तावेजों में अनिवार्य कर दिया है। सिर्फ मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र की कुल 17 यूनिवर्सिटीज इस राह पर चल पड़ी हैं। इंदौर की देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने तो दावा किया है कि वह इस बदलाव को लागू करने वाला पहला संस्थान है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भी साफ कहा था कि भारत एक प्रॉपर नाउन है, इसे इण्डिया में ट्रांसलेट नहीं किया जाना चाहिए।












