
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़), नीरज धीमान। आगामी दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन-2026 के मद्देनजर पंजाब सरकार के गृह मामलों के विभाग और राजस्व, पुनर्वास व आपदा प्रबंधन विभाग ने राज्य भर में प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, इस साल मानसून की बारिश दीर्घकालिक औसत की 92% रहने की संभावना है। इसे देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की एडवायजरी के आधार पर पंजाब सरकार ने सभी जिला उपायुक्तों (DCs), पुलिस प्रमुखों और संबंधित विभागों को तुरंत सुरक्षात्मक कदम उठाने के सख्त आदेश जारी किए हैं।

कार्ययोजना लागू करने के निर्देश
सरकारी निर्देशों के मुताबिक, मानसून के दौरान संभावित बाढ़, शहरी जलभराव और भूस्खलन जैसी स्थितियों से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन योजनाओं को तुरंत सक्रिय करने को कहा गया है:
· नालों की सफाई: मानसून की शुरुआत से पहले सभी शहरों और संवेदनशील इलाकों में नालों की सफाई और गाद निकालने का काम समय पर पूरा किया जाएगा।
· राहत सामग्रियों की तैनाती: संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नावों, लाइफ जैकेट, दवाओं, सूखी खाद्य सामग्री और ईंधन को पहले से ही सुरक्षित स्थानों पर तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।
· ‘सचेत’ मोबाइल ऐप का प्रचार: आपदा की शुरुआती चेतावनी आम लोगों तक समय पर पहुंचाने के लिए सरकार ने ‘सचेत’ (Sachet) मोबाइल ऐप और राष्ट्रीय आपदा अलर्ट पोर्टल का व्यापक प्रचार करने पर जोर दिया है।
शेल्टर होम में महिलाओं और दिव्यांगों के लिए विशेष प्रबंध
एडवायजरी में विशेष रूप से निर्देश दिया गया है कि राहत शिविरों में साफ-सफाई के साथ-साथ महिलाओं के लिए अलग शौचालय, स्नानघर और सुरक्षा के लिए महिला पुलिस कर्मियों व महिला स्वयंसेवकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, अकेले रह रहे बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की सुरक्षित निकासी के लिए विशेष सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर सहायता प्रदान की जाएगी।
24 घंटे सक्रिय रहेंगे कंट्रोल रूम
राज्य और जिला स्तर के आपातकालीन संचालन केंद्र अब 24×7 काम करेंगे। जलाशयों और बांधों से पानी छोड़े जाने की स्थिति में निचले जिलों और पड़ोसी राज्यों के साथ रियल-टाइम डेटा साझा करना अनिवार्य किया गया है ताकि समय रहते जान-माल की रक्षा की जा सके।












