
तलवाड़ा (द स्टैलर न्यू़ज)। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) तलवाड़ा के मुख्य अभियंता राकेश गुप्ता के निर्देशानुसार बीबीएमबी अस्पताल द्वारा हेपेटाइटिस रोग के संबंध में स्वास्थ्य परामर्श जारी किया गया है। हेपेटाइटिस एक गंभीर बीमारी है, जो मुख्य रूप से यकृत (लीवर) को प्रभावित करती है। इस बीमारी से बचाव के लिए सही जानकारी, समय पर जांच तथा आवश्यक सावधानियां अपनाना अत्यंत आवश्यक है। यह जानकारी भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) अस्पताल, तलवाड़ा के चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुखदेव सिंह संधू ने विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर जारी एक स्वास्थ्य संदेश में दी।

डॉ. संधू ने बताया कि हेपेटाइटिस एक वायरल संक्रमण है, जिसकी मुख्य किस्में हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई हैं। इनमें से हेपेटाइटिस बी और सी लंबे समय तक यकृत को नुकसान पहुंचा सकते हैं तथा गंभीर स्थिति में लीवर सिरोसिस अथवा लीवर कैंसर का कारण भी बन सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस बीमारी के सामान्य लक्षणों में लगातार थकान, भूख न लगना, मतली या उल्टी, बुखार, पेट के दाहिने हिस्से में दर्द, गहरे पीले रंग का मूत्र, आंखों एवं त्वचा का पीला पड़ जाना (पीलिया) तथा शरीर में कमजोरी शामिल हैं। यदि ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।
डॉ. संधू ने कहा कि हेपेटाइटिस ए और ई सामान्यतः दूषित भोजन एवं गंदे पानी के माध्यम से फैलते हैं, जबकि हेपेटाइटिस बी और सी संक्रमित रक्त, असुरक्षित सुईयों, बिना जांच किए गए रक्त के चढ़ाने, असुरक्षित यौन संबंधों तथा संक्रमित मां से नवजात शिशु तक फैल सकते हैं। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि हमेशा स्वच्छ तथा उबला हुआ या शुद्ध पानी ही पिएं, ताजा एवं स्वच्छ भोजन का सेवन करें, समय पर टीकाकरण करवाएं, एक ही सुई या सिरिंज का दोबारा उपयोग न करें, रक्त चढ़ाने से पहले उसकी जांच सुनिश्चित करें तथा व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
डॉ. संधू ने बताया कि हेपेटाइटिस का उपचार उसकी किस्म पर निर्भर करता है। कुछ मामलों में आराम, पौष्टिक आहार एवं चिकित्सक द्वारा निर्धारित दवाओं से रोगी स्वस्थ हो जाता है, जबकि हेपेटाइटिस बी एवं सी के रोगियों के लिए विशेष एंटीवायरल दवाओं तथा नियमित चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता होती है। उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस बी एवं सी की जांच तथा उपचार सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में इन रोगों का प्रभावी उपचार संभव है। अंत में उन्होंने लोगों से अपील की कि हेपेटाइटिस से बचाव के लिए जागरूकता, समय पर टीकाकरण, स्वस्थ जीवनशैली तथा चिकित्सकीय सलाह का पालन ही सबसे प्रभावी उपाय हैं। बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज न करें तथा समय रहते जांच करवाकर अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करें।












