
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। श्री आत्मानंद जैन सभा द्वारा संचालित एस ए वी जैन डे बोर्डिंग स्कूल में जैन शिक्षण निधि के प्रधान जीवन जैन के निर्देशानुसार और स्कूल डीन सुनीता दुग्गल और प्रिंसिपल मनु वालिया की अध्यक्षता में स्कूल में अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य छात्रों में वन्यजीव संरक्षण और बाघों के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाना है।

कार्यक्रम की मुख्य आकर्षण “Save Tigers, Save Forest” विषय पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन था। डॉक्यूमेंट्री में छात्रों को बाघों की घटती संख्या, अवैध शिकार और उनके आवास नष्ट होने के कारणों के बारे में बताया गया।इसके बाद छात्रों द्वारा रैली भी आयोजित की गई। प्रधान जीवन जैन ने अपने भेजे गए संदेश में कहा कि बाघ हमारे जंगल के स्वास्थ्य का प्रतीक है और इसे “राष्ट्रीय पशु” का दर्जा प्राप्त है। उन्होंने कहा कि 2010 में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में हुए समिट में हर साल 29 जुलाई को बाघ दिवस मनाने का फैसला लिया गया था।
सेक्रेटरी श्री माणिक जैन जी ने कहा कि बाघों को बचाना मतलब पूरे इकोसिस्टम को बचाना है। हमें प्लास्टिक का प्रयोग कम करना चाहिए और जंगलों की रक्षा करनी चाहिए।” कैशियर साहिल जैन ने कहा कि बाघ हमारे देश का *राष्ट्रीय पशु* है। यह शक्ति, साहस और आत्म-सम्मान का प्रतीक है। लेकिन आज बाघों की संख्या तेजी से कम हो रही है। इसका कारण जंगलों का कटना, अवैध शिकार और प्रदूषण है।
हमें याद रखना चाहिए – “अगर बाघ बचा तो जंगल बचा, जंगल बचा तो जीवन बचा”। अंत में स्कूल की विद्यार्थी मनमीत ने सभी विद्यार्थियों को “मैं बाघ और जंगल बचाने का संकल्प लेता/लेती हूं” की शपथ दिलवाई।












