
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। सिविल सर्जन होशियारपुर डॉ. मनदीप कमल के दिशा-निर्देशों और वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनप्रीत कौर के नेतृत्व में पी.एच.सी. चक्कोवाल में माँ के दूध के महत्व संबंधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर सभी सी.एच.ओ. की बैठक के दौरान जानकारी देते हुए एस.एम.ओ. डॉ. मनप्रीत कौर ने बताया कि माँ का दूध बच्चे के लिए संपूर्ण आहार है। बच्चे के जन्म के 1 घंटे के भीतर माँ का दूध पिलाना शुरू कर देना चाहिए। माँ का पहला गाढ़ा दूध, जिसे कोलोस्ट्रम भी कहा जाता है, बच्चे के लिए वरदान के समान होता है, क्योंकि इसमें अनेक पोषक तत्व होते हैं जो बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं, और इसके साथ-साथ बच्चे की रोगों से लड़ने की क्षमता भी बढ़ती है।

डॉ. मनप्रीत कौर ने बताया कि बच्चे के शुरुआती विकास के लिए माँ का दूध बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि माँ का दूध पिलाना बच्चे के साथ-साथ माँ के स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है। इससे माँ में स्तन और गर्भाशय के कैंसर होने का खतरा कम होता है। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं, ए.एन.एम. और सी.एच.ओ. को गर्भवती महिलाओं और नई माताओं को इसके बारे में जागरूक करना चाहिए ताकि सभी बच्चों को माँ का दूध पिलाया जाए, क्योंकि इससे बच्चों की मृत्यु दर कम की जा सकती है। बच्चे को 6 महीने तक केवल माँ का दूध ही पिलाना चाहिए। इसके अलावा घुट्टी के रूप में शहद या कोई अन्य चीज नहीं खिलानी चाहिए, यहाँ तक कि पानी भी नहीं पिलाना चाहिए। इस अवसर पर हरदीप सिंह बी.ई.ई. ने बताया कि 1 से 7 अगस्त तक “विश्व स्तनपान सप्ताह” मनाया जा रहा है, जिसके दौरान स्वास्थ्य कर्मचारी लोगों को माँ के दूध के महत्व के बारे में जागरूक करते हैं।










