
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। माता चिंतपूर्णी मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आमद को ध्यान में रखते हुए उन्हें साफ-सुथरा, गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित भोजन उपलब्ध करवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा फूड सेफ्टी संबंधी विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत कमिश्नर फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन पंजाब कंवलप्रीत कौर बराड़, आई.ए.एस., डिप्टी कमिश्नर होशियारपुर आशिका जैन, आई.ए.एस. और सिविल सर्जन होशियारपुर डॉ. मनदीप कमल के दिशा-निर्देशों तथा जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जतिंदर भाटिया की अगुवाई में चिंतपूर्णी रोड पर होशियारपुर जिले की सीमा के अंतर्गत श्रद्धालुओं के लिए लगाए जा रहे विभिन्न लंगरों की विशेष चेकिंग की गई।

इस अवसर पर फूड सेफ्टी ऑफिसर विवेक कुमार और उनकी टीम द्वारा लंगरों में भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता प्रबंधों, पीने वाले पानी, भोजन तैयार करने और स्टोर करने की प्रक्रिया, बर्तनों तथा लंगर वाली जगह के आसपास की साफ-सफाई का बारीकी से निरीक्षण किया गया। टीम द्वारा लंगर प्रबंधकों और सेवादारों को फूड सेफ्टी के नियमों का पालन करने संबंधी आवश्यक निर्देश भी दिए गए।
फूड सेफ्टी ऑफिसर श्री विवेक कुमार ने लंगर प्रबंधकों और सेवादारों को निर्देश देते हुए कहा कि लंगर तैयार करने और परोसने के दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। भोजन तैयार करने वाले सेवादारों के हाथ साफ होने चाहिए और भोजन तैयार करने के लिए साफ-सुथरे बर्तनों का ही इस्तेमाल किया जाए। लंगर में इस्तेमाल होने वाले सभी खाद्य पदार्थ ताजे और अच्छी गुणवत्ता वाले होने चाहिए। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए भोजन को ढककर रखना बहुत जरूरी है। भोजन को मक्खियों, धूल, गंदगी और अन्य कीड़ों से बचाकर रखा जाए। कच्चे और पके हुए भोजन को अलग-अलग रखा जाए तथा पके हुए भोजन को लंबे समय तक खुला न छोड़ा जाए, ताकि किसी भी प्रकार की फूड पॉइजनिंग की स्थिति पैदा न हो। पीने वाले पानी की सुरक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि लंगरों में श्रद्धालुओं को केवल साफ और सुरक्षित पेयजल ही उपलब्ध करवाया जाए। पानी को साफ और ढके हुए बर्तनों में रखा जाए तथा पानी स्टोर करने वाले बर्तनों की नियमित रूप से सफाई की जाए। भोजन बनाने और अन्य खाद्य पदार्थों में भी केवल सुरक्षित पानी का ही इस्तेमाल किया जाए।
उन्होंने लंगर प्रबंधकों को यह भी निर्देश दिए कि लंगर वाली जगह पर कूड़ा-कर्कट जमा न होने दिया जाए और ढके हुए डस्टबिनों का इस्तेमाल किया जाए। लंगर वाली जगह और इसके आसपास नियमित रूप से सफाई करवाई जाए। बरसात के मौसम के दौरान पानी जमा न होने दिया जाए तथा गंदे पानी की निकासी का उचित प्रबंध किया जाए। फूड सेफ्टी टीम द्वारा लंगर ट्रस्टों को विशेष रूप से अपील की गई कि श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को ध्यान में रखते हुए भोजन की तैयारी, स्टोरेज और परोसने के दौरान अधिक सावधानी बरती जाए। लंगर ग्रहण करने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित और साफ भोजन उपलब्ध करवाना लंगर प्रबंधकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी लंगर ट्रस्टों को सख्त चेतावनी दी गई कि फूड सेफ्टी और स्वच्छता संबंधी निर्धारित मापदंडों का पालन सुनिश्चित किया जाए। यदि चेकिंग के दौरान किसी भी लंगर में स्वच्छता, भोजन की गुणवत्ता, पीने वाले पानी या फूड सेफ्टी संबंधी नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की फूड सेफ्टी टीमों द्वारा मेले के दौरान लंगरों की नियमित चेकिंग जारी रखी जाएगी। विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया कि बरसात के मौसम के दौरान किसी भी प्रकार की फूड पॉइजनिंग अथवा भोजन और पानी से होने वाली बीमारी की स्थिति को रोकने के लिए स्वच्छता और फूड सेफ्टी मापदंडों के पालन पर विशेष नजर रखी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने लंगर ट्रस्टों, प्रबंधकों और सेवादारों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि साफ-सुथरा, गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित भोजन उपलब्ध करवाना श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य से जुड़ा महत्वपूर्ण कर्तव्य है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।












